नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 308 किलो गांजा, कोंटा पुलिस ने 2 तस्करों को दबोचा

1.54 करोड़ रुपये का गांजा बरामद
सुकमा। गांजा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोंटा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 308 किलो 280 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 54 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करों ने गांजे को नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा था। मामले में पुलिस ने राजस्थान निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मलकानगिरी से राजस्थान ले जाने की थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा के मलकानगिरी से गांजे की एक बड़ी खेप पिकअप वाहन के जरिए कोंटा होते हुए राजस्थान ले जाई जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने कोंटा के मोटू मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
सुबह 6 बजे संदिग्ध पिकअप को रोका
बताया गया कि सुबह करीब 6 बजे मुखबिर के बताए हुलिए का पिकअप वाहन नाकेबंदी स्थल पर पहुंचा। पुलिस जवानों ने तत्काल वाहन को रोककर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की। दोनों ने वाहन में नमक की बोरियां होने की बात बताई।
पुलिस को संदेह होने पर वाहन की सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट बरामद हुए।
150 पैकेट में छिपा था गांजा
पुलिस के अनुसार पिकअप वाहन में गांजे को 150 पैकेटों में भरकर नमक की बोरियों के नीचे छिपाया गया था। जांच के दौरान कुल 308 किलो 280 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.54 करोड़ रुपये आंकी गई है।
राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान शिव कुमार प्रजापति (24 वर्ष) और उदय राम बलई (24 वर्ष), दोनों निवासी भीलवाड़ा, राजस्थान के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई जारी
एएसपी रोहित शाह ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कोंटा पुलिस की इस कार्रवाई को गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे राजस्थान में किसे पहुंचाया जाना था।






