चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, एथनॉल को जिम्मेदार ठहराने का दावा खारिज

नई दिल्ली। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कीमतों में हालिया तेजी के लिए एथनॉल उत्पादन में चीनी के इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। सरकार के मुताबिक घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी का भंडार उपलब्ध है, इसके बावजूद कीमतों में तेज वृद्धि हुई है।
48 से बढ़कर 56 रुपये किलो हुई खुदरा कीमत
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 20 जुलाई को करीब 48 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो बढ़कर करीब 56 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
वहीं, मिल स्तर पर चीनी की कीमत भी करीब सात से दस दिनों में 47-48 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। सरकार ने इस तेज बढ़ोतरी को अनुचित बताया है।
एथनॉल उत्पादन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं
सरकार ने चीनी की कीमतों में वृद्धि को एथनॉल उत्पादन से जोड़ने के दावे को खारिज किया है। खाद्य सचिव के अनुसार चालू 2025-26 विपणन वर्ष में एथनॉल उत्पादन के लिए करीब 28 लाख टन चीनी का इस्तेमाल हुआ है।
सरकार का कहना है कि देश में घरेलू खपत के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। भारत में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280 से 285 लाख टन है।
चीनी उत्पादन में कमी का अनुमान
सरकार के अनुसार विपणन सत्र 2025-26 में चीनी उत्पादन पहले लगाए गए 343 लाख टन के अनुमान से घटकर करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान है।
गन्ने की फसल में रेड रॉट और टॉप बोरर जैसे रोग तथा अत्यधिक बारिश के कारण जलभराव को उत्पादन में कमी की प्रमुख वजह बताया गया है।
10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति
कीमतों और उपलब्धता को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है।
इसके अलावा कारोबारियों और शीतल पेय एवं आइसक्रीम जैसे उत्पाद बनाने वाले थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी की भंडारण सीमा भी लागू की गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश
सरकार ने राज्यों को चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की नजर बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर बनी हुई है, ताकि कृत्रिम रूप से कीमत बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके।
15 अक्टूबर के आसपास शुरू होगी गन्ने की पेराई
खाद्य सचिव ने चीनी मिलों में आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर भी जानकारी दी। सरकार ने इस वर्ष करीब 15 अक्टूबर के आसपास गन्ने की पेराई शुरू कराने की तैयारी करने को कहा है।
केंद्र का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक, शुल्क-मुक्त आयात और जमाखोरी पर कार्रवाई जैसे कदमों के जरिए चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कीमत वृद्धि को केवल एथनॉल उत्पादन से जोड़ना तथ्यों के अनुरूप नहीं है।






