गोरखपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान में मिला टेल इम्पैक्ट, 5 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना हुई दिल्ली की उड़ान

गोरखपुर। गोरखपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो के एक विमान में टेल इम्पैक्ट मिलने के बाद उसे आगे के परिचालन से हटा दिया गया। विमान के ग्राउंड होने के कारण 19 अगस्त को गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की अगली उड़ान करीब 5 घंटे 30 मिनट विलंबित हुई। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस ने वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर उन्हें दिल्ली रवाना किया।
दिल्ली से गोरखपुर पहुंचा था विमान
एयरपोर्ट निदेशक संजय कुमार के अनुसार, 19 अगस्त को इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 2381 दिल्ली से गोरखपुर पहुंची थी। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एयरलाइंस ने विमान VT-ILR में तकनीकी कारणों से टेल इम्पैक्ट पाए जाने की सूचना दी।
इसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को आगे के परिचालन से हटा दिया गया और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
दिल्ली जाने वाली उड़ान में हुई देरी
गोरखपुर से दिल्ली के लिए इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 5013 का संचालन होना था। संबंधित विमान के ग्राउंड होने के कारण यह उड़ान निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी। यात्रियों को करीब साढ़े पांच घंटे इंतजार करना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए इंडिगो ने वैकल्पिक विमान VT-IBC की व्यवस्था की, जिसके बाद यात्रियों को दिल्ली भेजा गया।
यात्रियों को भोजन और रिफंड का विकल्प
इंतजार के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस की ओर से स्नैक्स और भोजन उपलब्ध कराया गया। यात्रियों को उनकी सुविधा के अनुसार वैकल्पिक यात्रा विकल्प भी दिए गए। जो यात्री यात्रा जारी नहीं रखना चाहते थे, उन्हें नियमानुसार पूर्ण रिफंड का विकल्प उपलब्ध कराया गया।
क्या होता है टेल इम्पैक्ट?
विमान के पिछले हिस्से यानी टेल का टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान रनवे अथवा किसी अन्य सतह से असामान्य तरीके से संपर्क होने की स्थिति को टेल इम्पैक्ट कहा जाता है। ऐसी स्थिति में विमान के पिछले हिस्से की विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी होती है।
सुरक्षा के लिहाज से जांच पूरी होने तक विमान का परिचालन रोकना सामान्य प्रक्रिया है। इस मामले में भी टेल इम्पैक्ट की सूचना मिलने के बाद विमान को ग्राउंड किया गया और उसकी जगह वैकल्पिक विमान का संचालन किया गया।
अन्य उड़ानों का परिचालन सामान्य
इस तकनीकी घटना का एयरपोर्ट के नियमित परिचालन पर व्यापक असर नहीं पड़ा। एयरपोर्ट से संचालित अन्य उड़ानों का परिचालन सामान्य और सुचारु रहा। तकनीकी समस्या एक विमान तक सीमित रही और वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।






