सुकमा के जंगल में नक्सलियों का छिपा डंप बरामद, 8 किलो के दो टिफिन बम समेत भारी मात्रा में विस्फोटक मिला

बेलपोच्चा-गोमपाड़ मार्ग के घने जंगल में सुरक्षाबलों की कार्रवाई, बीडीएस टीम ने बमों को सुरक्षित किया
सुकमा। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र के पहाड़ी और घने जंगलों में चलाए गए सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने जंगल में छिपाकर रखे गए नक्सली डंप का पता लगाकर बड़ी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की है। बरामद सामान में कुल 8 किलो वजन के दो टिफिन बम भी शामिल हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना पर अभियान
सुरक्षाबलों को आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर ग्राम बेलपोच्चा से गोमपाड़ की ओर जाने वाले रास्ते के आसपास के जंगल और पहाड़ी इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू किया गया था।
रविवार सुबह करीब 11 बजे जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया। इसी दौरान जवानों को जंगल के भीतर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप का सुराग मिला।
विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद
सुरक्षाबलों के मुताबिक, डंप की तलाशी लेने पर 4 बंडल कोडेक्स वायर, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन, एक बंडल फ्यूज वायर और 3 बंडल बिजली वायर बरामद किए गए।
इसके अलावा वायर रहित स्थिति में दो टिफिन बम भी मिले। इनमें एक बम का वजन करीब 5 किलो और दूसरे का वजन करीब 3 किलो बताया गया है। दोनों की कुल वजन करीब 8 किलो है।
बीडीएस टीम ने बमों को किया सुरक्षित
टिफिन बम मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में विशेष सावधानी बरती। बमों को बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की सहायता से सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।
तलाशी अभियान के दौरान दो स्टील टिफिन, दो प्लास्टिक डस्टबिन, एक बैटरी समेत अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री भी बरामद की गई है।
जंगलों में छिपे विस्फोटकों पर लगातार नजर
सुरक्षाबलों द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य जंगलों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करना है, ताकि सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के लिए खतरा कम किया जा सके।
कोंटा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को सुरक्षाबलों की सतर्कता और संयुक्त अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।






