भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट तेज, प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए तोखन साहू का नाम चर्चा में

किरण सिंह देव के स्वास्थ्य के बीच नए समीकरणों की चर्चा, शिवरतन शर्मा और अजय चंद्राकर के नाम भी सामने
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी अपने अप्रत्याशित राजनीतिक फैसलों के लिए जानी जाती है। संगठन में नियुक्तियों से लेकर सत्ता के नेतृत्व तक कई बार पार्टी ने ऐसे निर्णय लिए हैं, जो राजनीतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं के अनुमानों से अलग रहे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ भाजपा में संभावित संगठनात्मक बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अटकलें तेज
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे में घायल होने के बाद उनके स्वास्थ्य लाभ में लगने वाले समय को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा शुरू हुई है। इसी बीच प्रदेश भाजपा को नया अध्यक्ष दिए जाने की संभावनाओं की अटकलें राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
तोखन साहू का नाम सबसे आगे होने की चर्चा
संभावित दावेदारों में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक उन्हें दिल्ली बुलाए जाने की बात सामने आई है। यदि भविष्य में उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलती है, तो केंद्रीय मंत्री पद को लेकर भी बदलाव की स्थिति बन सकती है।
ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ से केंद्र में प्रतिनिधित्व बनाए रखने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल अथवा राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान दिए जाने की संभावनाओं को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इन सभी संभावनाओं पर अंतिम निर्णय भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।
साहू समाज के समीकरण पर भी नजर
छत्तीसगढ़ की राजनीति में साहू समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए तोखन साहू के नाम को लेकर चर्चा को राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले अरुण साव के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहते विधानसभा चुनाव हुआ था और भाजपा ने राज्य गठन के बाद विधानसभा में अपना मजबूत प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाई थी। इसके बाद अरुण साव को राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली।
अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के संभावित चेहरों में पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर के नामों की चर्चा भी राजनीतिक स्तर पर हो रही है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक किसी नाम पर मुहर लगाए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सात मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति
इधर भाजपा संगठन ने प्रदेश के विभिन्न मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति के बाद सात मोर्चों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल हैं।
संगठन में लगातार हो रहे इन बदलावों के बीच अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर होने वाला निर्णय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।






