छत्तीसगढ़

हथखोज की स्टील कंपनी में हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, सभी EOT और हाइड्रा क्रेन का संचालन बंद

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क्रेन हादसे में श्रमिक की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की सख्ती, प्रबंधन से मांगे तकनीकी दस्तावेज

दुर्ग। हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में 19 अगस्त को हुए श्रमिक हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। हादसे में CNC हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40) की मौत हो गई थी। घटना के अगले दिन 20 अगस्त को विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर कमियां सामने आईं।

अकुशल श्रमिक से कराया जा रहा था क्रेन का संचालन

निरीक्षण के दौरान विभाग ने पाया कि क्रेन का संचालन सक्षम एवं अधिकृत व्यक्ति से कराने के बजाय एक अकुशल श्रमिक से कराया जा रहा था। इसके अलावा क्रेन और उससे जुड़े उपकरणों के रखरखाव में भी लापरवाही सामने आई।

जांच में आई-बीम, क्रेन चेन और अन्य संबंधित उपकरणों के नियमित मेंटेनेंस की कमी पाई गई। क्रेन की चेन के हुक में आवश्यक सेफ्टी लैच/कैच भी मौजूद नहीं था। इससे भारी सामग्री के खिसकने अथवा गिरने का जोखिम बना हुआ था।

SOP और श्रमिक प्रशिक्षण में भी मिली खामियां

विभागीय जांच में क्रेन संचालन के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और नियमित सुरक्षा निरीक्षण की व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं।

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि इसी औद्योगिक इकाई में 24 जनवरी 2026 को EOT क्रेन के संचालन के दौरान एक अन्य प्राणघातक हादसा हो चुका था। इस मामले में न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई भी चल रही है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किए जाने को विभाग ने गंभीरता से लिया है।

सभी क्रेनों के संचालन पर तत्काल रोक

श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(क) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

इसके तहत कंपनी में स्थापित सभी EOT क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।

प्रबंधन से तकनीकी जानकारी और दस्तावेज मांगे

विभाग ने कंपनी प्रबंधन को क्रेन एवं सुरक्षा व्यवस्था में किए जाने वाले तकनीकी सुधारों की जानकारी के साथ आवश्यक दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा मानकों को पूरा करने और विभागीय निर्देशों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

काम बंद रहने के दौरान भी देना होगा पूरा वेतन

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहने के दौरान कंपनी के कार्यरत श्रमिकों के वेतन और निर्धारित भत्तों का भुगतान रोका नहीं जा सकेगा। प्रबंधन को नियत तिथि पर श्रमिकों को उनका पूरा वेतन एवं देय भत्ते देने के निर्देश दिए गए हैं।

हादसे के बाद विभाग की इस कार्रवाई को औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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