त्योहारों में पंडाल लगाने से पहले जान लें नई गाइडलाइन, 50% जगह पार्किंग के लिए रखना अनिवार्य

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जारी किए दिशा-निर्देश, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के लिए रास्ता छोड़ना होगा
आगामी त्योहारों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पंडालों और अस्थायी आयोजनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने आयोजन स्थलों पर भीड़, यातायात और आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इन निर्देशों का पालन पंडाल और अस्थायी आयोजन करने वाले आयोजकों के लिए अनिवार्य होगा।
आयोजन स्थल की आधी जगह पार्किंग के लिए आरक्षित
नई व्यवस्था के तहत जिस स्थल पर पंडाल या अस्थायी आयोजन किया जाना है, उसके कम से कम 50 प्रतिशत हिस्से को पार्किंग के लिए आरक्षित रखना होगा। प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करना है, ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति निर्मित न हो।
पंडाल से 50 मीटर के दायरे में हो पार्किंग
पार्किंग स्थल आयोजन स्थल से अधिक दूर नहीं होना चाहिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित पार्किंग व्यवस्था पंडाल या आयोजन स्थल से अधिकतम 50 मीटर की दूरी के भीतर होनी चाहिए। इससे श्रद्धालुओं और आगंतुकों को वाहन खड़ा करने में सुविधा मिलेगी और सड़क पर अनावश्यक भीड़ कम होगी।
फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के लिए रास्ता जरूरी
आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए आयोजन स्थल पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के निर्बाध आवागमन के लिए पर्याप्त रास्ता छोड़ना अनिवार्य किया गया है। पंडाल, सजावट, वाहन पार्किंग या अन्य अस्थायी निर्माण के कारण आपातकालीन मार्ग किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन का यह कदम आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोजकों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए ही पंडाल और अन्य अस्थायी आयोजन करने होंगे।






