श्याम दरबार में गूंजी नन्ही वियाना की किलकारी, दादा-दादी ने पोती के हाथों से बाबा को चढ़ाया छप्पन भोग

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में अग्रवाल परिवार ने बाबा श्याम के दरबार में अर्पित किया छप्पन भोग
रायगढ़। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर श्याम मंडल के दरबार में भक्ति और पारिवारिक स्नेह का अनूठा संगम देखने को मिला। सुनील कुमार एवं सीमा अग्रवाल के परिवार की नन्ही पोती वियाना ने पहली बार बाबा श्याम के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर दादा-दादी ने अपनी पोती के कोमल हाथों से बाबा श्याम को छप्पन भोग अर्पित कराया। भावुक कर देने वाले इस दृश्य को देखकर दरबार में मौजूद श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो उठे।

नन्हे हाथों से बाबा को लगाया भोग
सुनील कुमार एवं श्रीमती सीमा अग्रवाल ने अपने पुत्र वैभव, बहू अनुशिखा और नन्ही वियाना के साथ बाबा श्याम की पूजा-अर्चना की। वियाना ने अपने छोटे-छोटे हाथों से बाबा को छप्पन भोग अर्पित किया। इस दौरान श्याम दरबार में उपस्थित भक्तों के बीच विशेष उत्साह और भावनात्मक माहौल बना रहा।

पोती के सुखी और संस्कारी जीवन की मांगी कामना
इस अवसर पर परिवार ने बाबा श्याम से नन्ही वियाना के स्वस्थ, सुखी, संस्कारी और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की। परिवारजनों ने बाबा से कामना की कि वियाना के जीवन का हर कदम खुशियों और सफलता से भरा रहे। दादा-दादी के लिए यह अवसर अपनी पोती के प्रति प्रेम, आस्था और विश्वास को बाबा के चरणों में समर्पित करने का भावपूर्ण क्षण रहा।

नाना-नानी समेत दोनों परिवार हुए शामिल
इस पारिवारिक आयोजन में वियाना के नाना-नानी मनोज अग्रवाल एवं रेखा अग्रवाल भी शामिल हुए। दोनों परिवारों ने एक साथ बाबा श्याम के दरबार में माथा टेककर वियाना के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद मांगा।

ताऊ और माता-पिता ने भी लिया बाबा का आशीर्वाद
वियाना के ताऊ बजरंग लेन्द्रा भी सपत्नीक इस आयोजन में शामिल हुए और उन्होंने नन्ही वियाना के मंगलमय भविष्य की कामना की। वहीं पिता वैभव ने अपनी पत्नी अनुशिखा के साथ बाबा श्याम के जयकारे लगाए और अपनी बिटिया के लिए आशीर्वाद मांगा।
इष्ट-मित्रों और रिश्तेदारों ने दिया आशीर्वाद
श्याम झांकियों के दिव्य दर्शन के बीच आयोजित इस पारिवारिक कार्यक्रम में सुनील कुमार के इष्ट-मित्र और सगे-संबंधी भी मौजूद रहे। सभी ने नन्ही वियाना को स्नेह और आशीर्वाद दिया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्याम दरबार में आयोजित यह पारिवारिक मिलन श्रद्धा, प्रेम और आशीर्वाद का यादगार अवसर बन गया।







