केबल ऑपरेटर सुशील मित्तल को हाईकोर्ट से झटका, राजेश शुक्ला पर दर्ज झूठी FIR रद्द

रायगढ़। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रायगढ़ के बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए ग्रैंड विजन न्यूज़ के संचालक राजेश शुक्ला के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने साफ कहा कि पुलिस में दर्ज यह रिपोर्ट आधारहीन और कानून का दुरुपयोग है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ नेटवर्क और हर्ष न्यूज़ के संचालक सुशील मित्तल ने पुलिस की मदद से श्री शुक्ला पर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत जैसे गंभीर आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था। इस कार्रवाई के खिलाफ राजेश शुक्ला ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शुक्ला किसी संस्था के कर्मचारी नहीं थे, बल्कि केवल कमीशन आधारित प्रसारण अधिकार के तहत कार्य कर रहे थे। साथ ही, उन्होंने सभी शुल्कों का नियमित भुगतान भी किया था। सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने यह साबित किया कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार और झूठे हैं।
डबल बेंच ने अधिवक्ता के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए माना कि इस मामले में पुलिस की मदद से झूठा प्रकरण गढ़ा गया था। न्यायालय ने FIR को रद्द करते हुए इसे निर्दोष व्यक्ति को परेशान करने की मंशा बताया।
फैसले के बाद राजेश शुक्ला ने राहत की सांस ली और कहा कि अदालत ने सत्य को सामने लाकर न्याय दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि अब वे सुशील मित्तल के खिलाफ मानहानि का दावा दायर करने पर विचार कर रहे हैं।












