फर्जी हाईकोर्ट वकील बनकर खाद्य कारोबारियों से ठगी की कोशिश, 5 हजार रुपये मांगने का आरोप

मिठाई खाने से न्यायाधीश के बीमार होने का झांसा, फर्जी रसीद के साथ भेजा QR कोड; कारोबारियों की सतर्कता से बची रकम
रायपुर। दुर्ग जिले में खाद्य कारोबारियों को कथित तौर पर फर्जी हाईकोर्ट अधिवक्ता बनकर फोन करने और जुर्माने के नाम पर रुपये वसूलने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को बिलासपुर हाईकोर्ट का वकील बताते हुए दुकानदारों से संपर्क किया और उनकी दुकान की मिठाई खाने के बाद एक न्यायाधीश के अस्वस्थ होने की बात कही। इसके बाद 5 हजार रुपये जुर्माने के तौर पर जमा करने का दबाव बनाया गया।
दो मिठाई दुकानों के संचालकों को किया फोन
मिली जानकारी के मुताबिक, कातुलबोड़ स्थित तृप्ति स्वीट्स और धमधा के इंदौर सेव भंडार के संचालकों को फोन किया गया। फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनकी दुकान से खरीदी गई मिठाई खाने के बाद हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश की तबीयत खराब हो गई है।
आरोपी ने इसी कहानी के आधार पर दुकानदारों को कथित कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का डर दिखाया।
फर्जी रसीद भेजकर तत्काल भुगतान का दबाव
ठगी के प्रयास के दौरान आरोपी ने न्यायालय के नाम से तैयार कथित जुर्माना रसीद भी भेजी। इसके साथ 5 हजार रुपये का भुगतान करने के लिए QR कोड उपलब्ध कराया गया।
फोन नंबर पर एडवोकेट हिमांशु पाठक नाम प्रदर्शित हो रहा था, जबकि भुगतान के लिए भेजे गए QR कोड में शिवांशी दो मनीष नाम दिखाई देने की जानकारी सामने आई। नामों में अंतर होने के कारण मामले पर संदेह गहराया।
खाद्य विभाग को सूचना देकर रोकी ठगी
दुकानदारों ने आरोपी के झांसे में आने के बजाय मामले की जानकारी तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दी। विभाग से संपर्क करने के बाद कथित फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई और कारोबारियों ने कोई भुगतान नहीं किया।
इस तरह समय रहते सतर्कता बरतने के कारण दुकानदार संभावित आर्थिक नुकसान से बच गए। घटना के बाद खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि न्यायालय, प्रशासन या किसी सरकारी विभाग के नाम पर फोन अथवा ऑनलाइन भुगतान की मांग होने पर पहले संबंधित विभाग से इसकी पुष्टि करें।






