Chhattisgarh News: नक्सलवाद के घावों पर मरहम लगाना और पीड़ितों का पुनर्वास हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी: अमित शाह

दंतेवाड़ा में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण देने के शिविर का शुभारंभ, बस्तर को खुशहाल और समृद्ध बनाने का संकल्प
दंतेवाड़ा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलने के बाद अब बस्तर में हिंसा से प्रभावित लोगों के घावों पर मरहम लगाना, उनका पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नक्सलवाद ने पांच दशकों तक बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। अब नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से खुशहाल, समृद्ध और विकसित बनाना है।
अमित शाह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है। इस लक्ष्य को पूरा करने में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कार्यक्रम
मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत दंतेवाड़ा में निःशुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।
तीन जिलों के 768 दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ
दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिविर के माध्यम से दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिलेवार लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है:
- दंतेवाड़ा: 509 दिव्यांगजन
- बीजापुर: 197 दिव्यांगजन
- सुकमा: 62 दिव्यांगजन
शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सहज बनाना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग देना है।
संस्थाओं के सहयोग से आयोजित शिविर
इस शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर तथा सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ उनके पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
अमित शाह ने बस्तर को नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त कर शांति, विकास और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाने के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा से प्रभावित परिवारों को सहारा देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।






