रायगढ़

गर्ग फर्नीचर में वन विभाग की दबिश, बिना दस्तावेज मिले साल के 4 लट्ठे; आरा मशीन सील

Advertisement

खरसिया। खरसिया स्थित गर्ग फर्नीचर में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई करते हुए बिना दस्तावेज रखे गए साल के लट्ठों को जब्त किया है। मौके पर इन लकड़ियों की चिराई की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने करीब 1.525 घन मीटर लकड़ी जब्त करते हुए आरा मशीन को सील कर दिया। वहीं परिसर में रखी अन्य लकड़ियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

सूचना पर वन विभाग की टीम ने दी दबिश

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को गर्ग फर्नीचर में अवैध लकड़ियों की चिराई किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद टीम ने खरसिया वन अमले के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान वहां साल के 4 लट्ठे मिले, जिनसे संबंधित आवश्यक दस्तावेज संचालक भीमप्रकाश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

1.525 घन मीटर लकड़ी जब्त, आरा मशीन सील

वन विभाग के मुताबिक, मौके पर साल के लट्ठों की चिराई की जा रही थी। दस्तावेज नहीं मिलने पर विभाग ने करीब 1.525 घन मीटर लकड़ी जब्त कर ली। जिस आरा मशीन से लकड़ियों की चिराई हो रही थी, उसे भी सील कर दिया गया है।

अन्य लकड़ियों के दस्तावेजों की भी जांच

बताया जा रहा है कि गर्ग फर्नीचर परिसर में बड़ी मात्रा में लकड़ियां रखी हुई हैं। वन विभाग अब इन लकड़ियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यदि कोई लकड़ी बिना वैध दस्तावेज या अवैध पाई जाती है तो उसे भी जब्त किया जा सकता है।

बजरंग सॉ मिल के नाम से है लाइसेंस

उड़नदस्ता सहायक प्रभारी संदीप नामदेव ने बताया कि गर्ग फर्नीचर में संचालित आरा मिल का लाइसेंस बजरंग सॉ मिल के नाम से है और इसका संचालन भीमप्रकाश अग्रवाल कर रहे हैं। जांच के दौरान साल के चार लट्ठे बिना दस्तावेज मिले, जिनकी चिराई की जा रही थी। संचालक लकड़ियों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद लकड़ी जब्त कर आरा मशीन को सील किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

शहर की अन्य आरा मशीनों पर भी जांच की मांग

कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर शहर में संचालित अन्य आरा मशीनों और वहां रखी लकड़ियों के भंडारण की भी जांच की मांग उठ रही है। जानकारों का कहना है कि कई आरा मशीनों में बड़ी मात्रा में लकड़ियों का भंडारण किया जाता है, ऐसे में वन विभाग को सभी स्थानों पर दस्तावेजों और लकड़ियों के स्रोत की जांच करनी चाहिए।

बताया जाता है कि करीब 7-8 वर्ष पहले तत्कालीन प्रभारी रेंजर राजेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने आरा मशीनों की जांच की थी। उस दौरान 3-4 आरा मशीनों को सील करने के साथ बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी भी जब्त की गई थी।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button