गणेश चतुर्थी 2026: बप्पा की स्थापना के लिए मिलेंगे तीन शुभ मुहूर्त, जानें सही समय

14 सितंबर को मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी, प्रतिमा खरीदते और स्थापित करते समय इन बातों का रखें ध्यान
गणेश चतुर्थी 2026। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा, हवन या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने की परंपरा है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और संकटहर्ता माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से गणपति की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन देशभर में श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करेंगे। प्रतिमा स्थापना को लेकर इस बार शुभ मुहूर्त को लेकर विशेष जानकारी सामने आई है।
सुबह अलग मुहूर्त नहीं, दिन में तीन शुभ समय
ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, इस वर्ष गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए सुबह का अलग से कोई विशेष मुहूर्त नहीं बताया गया है। हालांकि दिन में प्रतिमा स्थापना के लिए तीन शुभ समय मिल रहे हैं।
पहला शुभ मुहूर्त:
सुबह 11:09 बजे से दोपहर 1:44 बजे तक गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जा सकती है।
अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर 12:05 बजे से 12:57 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इसे भी प्रतिमा स्थापना और पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
तीसरा शुभ मुहूर्त:
शाम 4:55 बजे से 6:44 बजे तक गोधूलि बेला का समय रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस दौरान अमृत काल का भी संयोग रहेगा, जिसके चलते यह समय भी गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए विशेष शुभ माना जा सकता है।
प्रतिमा स्थापना से पहले इन बातों का रखें ध्यान
गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा स्थापित करते समय केवल शुभ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि प्रतिमा के चयन और पूजा की विधि का भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालुओं को प्रतिमा खरीदते समय उसके स्वरूप और पूजा परंपराओं का ध्यान रखते हुए ही भगवान गणेश की मूर्ति घर लानी चाहिए।
विधि-विधान से करें बप्पा की पूजा
गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनका आवाहन करें और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। गणपति को दूर्वा, मोदक और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई गणेश पूजा से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का वास होता है।






