रायगढ़ में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ, 1.19 लाख बच्चों को आयरन और 1.12 लाख को विटामिन-ए देने का लक्ष्य

रायगढ़। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और रोगों से बचाव के उद्देश्य से जिले में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांधी नगर में किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन दीदियां और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर जोर
महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिशु संरक्षण माह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि पात्र बच्चों को निर्धारित समय पर विटामिन-ए की खुराक और आयरन सिरप जरूर पिलाएं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित सत्रों के दौरान बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके स्वस्थ एवं समुचित विकास की जिम्मेदारी केवल अभिभावकों की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है।
1.19 लाख बच्चों को आयरन सिरप देने का लक्ष्य
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और टीकाकरण सत्रों के माध्यम से बच्चों तथा गर्भवती माताओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि अभियान के दौरान विटामिन-ए और आयरन की निर्धारित खुराक देने के साथ नियमित टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक टीके लगाए जाएंगे।
जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 1,19,465 बच्चों को आयरन सिरप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं 9 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 1,12,828 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है।
छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक
अभियान के अंतर्गत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। इसी तरह 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार 1-1 मिलीलीटर आयरन सिरप देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों को इन खुराकों के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।
वजन लेकर होगी कुपोषण की पहचान
शिशु संरक्षण माह के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण स्तर की जांच की जाएगी। वजन और स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान गंभीर रूप से कुपोषित पाए जाने वाले बच्चों को चिन्हांकित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित टीकाकरण तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देंगे।
विटामिन-ए और आयरन का महत्व बताया
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी निर्धारित खुराक आंखों से संबंधित समस्याओं और रतौंधी से बचाव में भी सहायक होती है। वहीं आयरन की पर्याप्त मात्रा बच्चों में आयरन की कमी से होने वाली समस्याओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण है।
24 सितंबर तक चलेगा अभियान
जिले में शिशु संरक्षण माह 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक मनाया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयोजित स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सत्रों के माध्यम से बच्चों तथा गर्भवती माताओं को आवश्यक स्वास्थ्य और टीकाकरण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद श्रीमती त्रिवेणी डहरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ. कैनन डेनियल, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोनाली मेश्राम, एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. जाविद मारिकर, सीमा बरेठ, जया मजूमदार, श्री चोलेश्वर सिंह पटेल, श्री हलधर यादव, श्री सुनील पटेल सहित मितानिन दीदियां, स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






