सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से बनाने की तैयारी, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की समीक्षा

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, पांच जिलों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक
रायगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पांच जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
पांच जिलों की तैयारियों का लिया जायजा
बैठक में सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए। मंत्री चौधरी ने अभियान की तैयारियों, नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कार्ययोजना और विभागीय दायित्वों की जानकारी ली।
ग्राम से जिला स्तर तक जनभागीदारी पर जोर
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को अभियान की प्रत्येक गतिविधि को ग्राम, वार्ड, विकासखंड और जिला स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।
17 सितंबर की शाम जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत परिवारों को दीप प्रज्वलन के माध्यम से अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बनाया जाएगा।
बच्चों के सपनों को मिलेगा मंच
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय और निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें विकसित भारत की कल्पना और 25 वर्षों की सेवा यात्रा से जुड़े विषयों को केंद्र में रखा जाएगा। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित करने के साथ बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
नुक्कड़ नाटक से गांव-गांव पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’
‘नमो सेवा गाथा’ के तहत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे हुए बदलावों की जानकारी आम लोगों तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाएगी। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थानों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है।
आंगनवाड़ी केंद्रों में होगा ‘आंगन का उत्सव’
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें माताओं और बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान होगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला-बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की सफलता
अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के जरिए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की वास्तविक सफलता की कहानियां संकलित की जाएंगी। इन कहानियों में हितग्राही, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसका डिजिटल डेटा बैंक तैयार करने की भी योजना है।
‘सेवा ज्योति यात्रा’ से मजबूत होगा विकसित भारत का संकल्प
25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गांव, जिला और राज्य स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत नागरिकों और विभिन्न संस्थाओं को स्वच्छता सहित अलग-अलग सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
‘सरकार आपके द्वार’ के जरिए योजनाओं से जोड़े जाएंगे पात्र हितग्राही
‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कई अन्य गतिविधियां भी होंगी आयोजित
अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित किया गया है।
समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों से सभी कार्यक्रमों के लिए विभागीय समन्वय मजबूत रखने और तय समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने को कहा। उन्होंने अभियान को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।






