छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट के पांच बड़े फैसले, युवाओं से लेकर कर्मचारियों और न्यायिक अधोसंरचना तक को राहत

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स्टार्टअप मिशन के लिए 500 करोड़, निर्यात नीति 2026-30 को मंजूरी; कर्मचारियों की आयु सीमा 45 वर्ष

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, निर्यातकों, कौशल प्रशिक्षण, शासकीय कर्मचारियों और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े पांच महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ कौशल विकास, निर्यात विस्तार तथा न्यायिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को कौशल, उद्यमिता और नवाचार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

इस पहल के माध्यम से युवाओं को रोजगार तलाशने वाले से रोजगार सृजक बनाने और प्रदेश में स्टार्टअप तथा नई तकनीक आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 मंजूर

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी स्वीकृति प्रदान की। नीति के माध्यम से प्रदेश से होने वाले निर्यात को बढ़ावा देने, उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और राज्य के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी मंत्रिपरिषद ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

संस्थान की स्थापना से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण के अवसर मिलने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 45 वर्ष

राज्य शासन एवं उससे संबद्ध संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं तथा उच्च पदों पर आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है। अब यह सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है।

इस फैसले से पात्र कर्मचारियों को अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने का अधिक अवसर मिलेगा।

दुर्ग जिला न्यायालय के लिए 4 हेक्टेयर भूमि

मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे दुर्ग में न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए न्यायालय भवन के निर्माण का रास्ता साफ होगा।

रोजगार, कौशल और विकास पर सरकार का फोकस

कैबिनेट के इन फैसलों में युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता, निर्यात को बढ़ावा, कौशल प्रशिक्षण, सरकारी कर्मचारियों के अवसरों में विस्तार और न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिखाई देता है। सरकार का लक्ष्य इन पहलों के जरिए प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को गति देना है।

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