राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का विरोध करेंगे स्थानीय पत्रकार…।

जिला जनसंपर्क और प्रोटोकोल अधिकारी के व्यवहार को लेकर नाराज है पत्रकार…।।
सिंहघोष/रायगढ़.31.05.23..राज्य सरकार के अथक प्रयास से शहर में पहली बार राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन दिनांक 1 जून 2023 से 3 जून 2023 तक शहर के रामलीला मैदान में होना है।जिसके शुभारंभ और समापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों होना है।
एक तरफ यह बताया जा रहा है कि सरकार की तरफ से आयोजन को लेकर अपने स्तर पर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। वही आयोजन को लेकर जिसका प्रशासन के द्वारा स्थानीय पत्रकारों को तवज्जो न दिया जाना प्रशासन को महंगा उड़ने वाला है।
शहर के ज्यादातर सक्रिय पत्रकार इस राष्ट्रीय स्तर के रामायण महोत्सव विरोध करने का मन बना चुके है। उनका कहना है कि अपनी आदत से मजबूर जिले के तानाशाह अधिकारी पूर्व की तरह इस कार्यक्रम की कोई जानकारी अब तक न तो उन्हे साझा नही की है। इस तरह का व्यवहार जिला प्रशासन की दोहरी मानसिकता को उजागर कर रहा है। स्थानीय पत्रकारों की मुख्य समस्या यह है कि उनको ना तो आगंतुकों का कोई प्रोटोकोल और ना ही प्रोग्राम में होने वाले कार्यक्रम की जानकारी दी गई है। न ही ज्यादातर पत्रकारो को निमंत्रण दिया गाय।
जिसकी शिकायत लेकर आज बड़ी संख्या में आज स्थानीय पत्रकार एसडीएम गगन शर्मा के पास पहुंचे गगन शर्मा ने पत्रकारों को आश्वासन तो दिया। परंतु सपष्ट तौर पर कुछ कह नहीं पाए।
उन्होंने जनसंपर्क अधिकारी को लगाते हुए कहा कि वो आज से कार्यक्रम की जानकारी पत्रकारों को देना शुरू करें। हालाकि एसडीएम के आश्वासन के बाद भी पत्रकार नही माने। उन्होंने अपने साथ बीते 2 सालों से भेदभाव और दुर्व्यवहार करने वाले जिला जन संपर्क अधिकारी राहुल सोन का खुला विरोध करना शुरू कर दिया। उनके कार्यालय के सामने 25/30 पत्रकार खड़े होकर नारेबाजी करते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की । उनका कहना है कि किसी भी सरकारी सरकारी कार्यक्रम में पत्रकारों को तवज्जो ना देना pro रायगढ़ की पुरानी आदत है। जिला प्रशासन और जन सम्पर्क की नजर में शहर के गिने-चुने 8/10 पत्रकार ही सब कुछ है। क्योंकि अपने कार्यालय में बैठकर इन पत्रकारों के द्वारा प्रशासन की गलतियों को दबाकर उन्हे महिमामंडित किया जाता रहा है। अतः मैदानी पत्रकारों को जानकारी और सम्मान देना जिला जन संपर्क अधिकारी के लिए जरूरी नहीं होता है।
इस वजह से शहर के ज्यादातर सक्रिय एवम मैदानी पत्रकारों को राष्ट्रीय रामायण महोत्सव की जानकारी नहीं दी गई है।
अतः हम सबने आयोजन के विरोध का निर्णय लिया है। साथ ही हमारी मांग है कि जिला जन सम्पर्क अधिकारी राहुल सोन का जिले से स्थानांतरण किया जाए।












