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बिलासपुर: हड़ताल के दूसरे दिन भी तहसील कार्यालयों में सन्नाटा, राजस्व कार्य ठप

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बिलासपुर, 30 जुलाई 2025 — 17 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की प्रदेशव्यापी हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बिलासपुर सहित पूरे संभाग में तहसील कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा और राजस्व से जुड़े किसी भी कार्य का निष्पादन नहीं हो सका।

कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के तहत बिलासपुर संभाग के 160 से अधिक राजस्व अधिकारियों ने मुंगेली नाका स्थित प्रगति मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश साहू ने जानकारी दी कि आय, जाति, निवास, खसरा-खतौनी और सीमांकन जैसे सभी कार्य पूर्णतः ठप रहे।

संघ ने पहले ही राज्य शासन को 28 जुलाई से 30 जुलाई तक “संसाधन नहीं तो काम नहीं” आंदोलन के तहत हड़ताल की जानकारी दे दी थी। अब अधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

ऑनलाइन कार्य के लिए ऑपरेटर और पदोन्नति की मांग

कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष के.के. लहरे ने बताया कि तहसील कार्यालयों में लंबे समय से आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि तहसील कार्यालयों में ऑनलाइन कामकाज के संचालन हेतु ऑपरेटर नियुक्त किए जाएं और पदोन्नति में 50 प्रतिशत पद भरने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जब लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 15 से 45 दिन में मामलों का निपटारा अनिवार्य किया गया है, तो बगैर संसाधन यह कार्य संभव नहीं है। लेकिन शासन उनकी मांगों पर कोई गंभीर पहल नहीं कर रहा।

पक्षकारों की परेशानी बढ़ी

हड़ताल के चलते राजस्व कार्यालय पहुंचे पक्षकारों को निराश लौटना पड़ा। कई मामलों में उन्हें 20 दिन बाद की अगली पेशी की तारीख दी जा रही है। कार्यालयों में फाइलों का ढेर लग गया है, जिससे राजस्व प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ा है।

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