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विकासखंड शिक्षा अधिकारी बरमकेला के संविदा लिपिक द्वारा वेतन निकालने के नाम पर ₹1000 की रिश्वत वह भी फोन पे पर!

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क्या यह सब खेल प्रभारी BEO श्री नरेंद्र जांगड़े   के सह पर चल रहा है?  कि इस पर कार्यवाही के लिए उच्च स्तर जांच कमेटी बिठाएंगे?

विकासखंड शिक्षा अधिकारी के अधीनस्थ कई नियमित एवं वरिष्ठ लिपिक है, सहायक ग्रेड  2 है, इसके बाद भी वित्तीय लिपिक,वेतन लिपिक, एक संविदा लिपिक को सौपना, जिसका मूल विभाग शिक्षा विभाग नहीं अपितु जिला पंचायत रायगढ़, एवं वेतन आहरण अधिकारी कलेक्टर रायगढ़ द्वारा संचालित होता है यदि इसके द्वारा रिश्वत और भ्रष्टाचार का आरोप लगता है तो इस पर कार्यवाही करने का जिम्मेदारी किस पर होगा? और कसावट कैसे लाया जा सकता है? यह सवाल पैदा करता है इस संविदा कर्मचारी को इतना संवेदन संवेदन प्रभार पर?

असल में संविदा कर्मचारी लिपिक को मूल स्थान जनपद बरमकेला में कार्य करते तो उसके विभाग द्वारा उसे पर समय-समय पर निगरानी बन सकता था किंतु इस प्रकार फोन पे जैसे प्रदर्शित प्लेटफार्म पर 1000 रूपये रिश्वत लेना, तो पीठ पीछे और नगद को तो छाती ठोक के लिया जा रहा हैँ, यह ज़ीरो टालनेस गतिविधियों पर सवाल यहां पर पैदा ही नहीं हो रहा है?

क्या किसी कर्मचारी का वेतन रुकने की, वेतन कटौती की, वेतन पूर्ण रोकने का, वेतन वृद्धि रोकने का समस्त प्रक्रिया को अपनाया गया है? या फिर आंख मूंद कर प्रताड़ना के उद्देश्य से केवल कटौती किया गया है? यह जांच का विषय बन रहा है? अधिकारी को पूरी प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है?

महिला शिक्षक एवं शिक्षक संगठन के प्रमुख का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के वेतन कटौती करना सोची समझी साजिश तथा विधिक ज्ञान की कमता को प्रदर्शित करता है! आहरण समवितरण अधिकार नियम का उल्लंघन है? कोषालय नियम का उल्लंघन है!

मामला है विकासखंड शिक्षा अधिकारी बरमकेला के अधीनस्थ सहायक शिक्षक चित्रसेन साव, सहायक शिक्षक, प्राथमिक शाला लेंधर जोरी,  विकासखंड बरमकेला जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के द्वारा आरोप लगाया गया है तथा शिकायत पत्र दिया गया है जिसमें स्पष्ट रूप से संविदा लिपिक, प्रमोद साहू द्वारा पैसा लिया जाना तथा फोन पे पर ₹1000 का रिश्वत लिया जाने का आरोप लगाया गया है तथा स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है, जिस पर कर्मचारी अधिकारी के संयोजक सुभाष चौहान, तथा सहायक शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष पवन पटेल तथा कार्यकारी अध्यक्ष नंदकिशोर पटेल द्वारा कड़ा विरोध करके कार्यवाही की मांग किया गया है इस पर कार्यवाही ना होना, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम को दरकिनारे करने की श्रेणी में आएगा जिसके लिए हम उच्च अधिकारी को शिकायत लिखेंगे।

किसी के पूर्ण वेतन कटौती का कोई प्रावधान नहीं दिया गया है,कटौती पूर्व नियमित समय पूर्व  सूचना कर्मचारियों को प्राप्त होना चाहिए, कटौती का कारण स्पष्ट होना चाहिए, ताकि वह अपना बैंक लोन, अपना परिवार का भरण पोषण के लिए, पूर्व तैयारी किया जा सके, यह पूरी पूरी संवैधानिक अधिकार का हनन है, एवं शासति नियम, दंड नियम का खुला उल्लंघन अधिकारी BEO बरमकेला द्वारा किया जा रहा है, इस पर कड़े से कड़ी कार्रवाई के लिए तथा वित्तीय अधिकार खत्म के लिए मांग किया जा रहा है।

बरमकेला -सारंगढ़  :- कर्मचारी अधिकारी/ सहायक शिक्षक फेडरेसन बरमकेला के तत्वाधान एवं महिला कर्मचारियों के बिना सुचना वेतन रोकने के लिए शिकायत किया

श्री नरेंद्र कुमार जांगड़े आहरण संवितरण अधिकारी(BEO-बरमकेला) द्वारा अनादिकृत रूप से वेतन कटौती, पदीय दुरुपयोग, शास्ती नियम उलंघन, बिना दंड दोष के वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में एवं महिला शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने हेतु वेतनवृद्धि रोकने/वेतन रोकने/वेतन कटौती संबंधी शिकायत।

महोदय इस सम्बंध में  Beo श्रीमान नरेन्द्र कुमार जांगड़े के द्वारा मुझे, बिना किसी पूर्व सुचना, बिना वैद्ध कारण के मुझे आर्थिक प्रताड़ित किया गया है,,, जो की विवरण निम्नलिखित है-
1) यह की विकासखंड शिक्षा अधिकारी बरमकेला श्री नरेंद्र कुमार जांगड़े जी द्वारा मुझे मानसी का आर्थिक प्रताड़ित करने के उद्देश्य कार्यवाही किया गया है जिसका पूर्व कोई सुचना या आदेश पारित नहीं किया गया तथा नहीं दिया गया है, जो की DDO अधिकारी का खुल्ला उलंघन है।

2) शिक्षक द्वारा आवेदन को दिया गया था, किन्तु Beo दवारा जानबूझ कर मेरे आवेदन को दरकिनार करके, बिना मुझे सुचना दिए वेतनकाट दिया गया है, कृपया उच्च स्तर जाँच कर तत्काल पद कार्यवाही करने की मांग किया गया है।
3) वेतन में बिना किसी दोष/दंड के वेतन वृद्धि रोक दिया गया है जो की आहारण संवितरण अधिकारी का उलंघन है, तत्काल DDO अधिकारी से वंचित कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग किया गया है।
4) जुलाई 2025 का 100% वेतन रोका गया है जो की शास्ति नियम का उलंघन है, और जीवन निर्वाह एवं जीविका का रोक लगाना प्रहार करने के रूप में आपराधिक कृति की श्रेणी में आता है यह पूर्ण रूप से द्वेष भावना प्रदर्शित करता है अतः तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई करना सुनिश्चित करने की मांग किया गया है।

5)   महिला कर्मचारी और मेरा परिवार है बच्चे है, और संबधित श्रीमान BEO द्वारा महिला समझ कर परेशान करने के उदेश्य से अधिकृत कार्यवाही किया गया है, जबकि महिला को यथा संभव सहयोग भावना रखना चहिय।
6) 🔴 A). सेवा नियमों का उल्लंघन:- बिना किसी जांच, आरोप या दंड के वेतनवृद्धि रोकना नियम विरुद्ध है (छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966, वेतन नियम, अनुशासन नियम का उलंघन है।

🔴 B) महिला शिक्षक को टारगेट करना:-यदि यह कार्य जानबूझकर महिला कर्मचारी को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए किया गया है, तो यह महिला उत्पीड़न (women Harassment at Workplace Act, 2013) के अंतर्गत जांच योग्य है।
   

🔴 C)  प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन:-बिना कटौती पूर्व नोटिस और बिना सुनवाई का अवसर दिए किसी भी वेतन-संबंधी अधिकार को रोकना न्यायिक सिद्धांतों का उल्लंघन है।

7) कार्रवाई होनी चाहिए संबंधित दोषी अधिकारी पर तथा महिला उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee – ICC) से जाँच कराने तथा दोषी अधिकारी को दंड देने की मांग किया गया।महिला कर्मचारी को परेशान करने के उद्देश्य से यह किया गया है, तो वहां लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत करता हु तथा कार्यवाही की मांग किया गया।
8)  राज्य महिला आयोग में शिकायत करती हु और मांग करती हु की उच्च स्तर जाँच हो और दोषी पर दंड दिया जावे,।
9) सेवा कार्यकाल में आज तक किसी प्रकार का आरोप, दंड या विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बावजूद मेरी वार्षिक वेतनवृद्धि रोकना/ पूर्ण वेतन रोकना / वेतन कटौती करना /अवकाश पास न करना /  बिना किसी वैध कारण के रोकी गई है। कोई पूर्व नोटिस प्राप्त हुआ, न ही कोई सुनवाई का अवसर दिया गया।
           यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि यह कार्य जानबूझकर मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से किया गया है, जो कि न केवल सेवा नियमों के विरुद्ध है बल्कि महिला अधिकारों का भी उल्लंघन है।


अतःनिवेदन किया गया है कि –
A) मेरी वेतनवृद्धि तत्काल स्वीकृत की जाए।
B) काटा हुए वेतन तत्काल दिया जाये।
C) पूर्ण वेतन कटौती को वापस किया जावे।
D) संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच आरंभ की जाए।
E) कोषालय नियम का उलंघन किया है, जाँच कर कार्यवाही की जाय।
F) यदि यह कृत्य जानबूझकर प्रताड़ना की मंशा से किया गया है तो महिला आयोग या आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाए।
G) वेतन बनाने के एवाज में फोन pey में रिश्वत लेने की शिकायत भी किया गया

अब देखना है शासन प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करती है

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