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केलो नदी में अब भी जा रहा गंदा पानी, रायगढ़ में एसटीपी कनेक्टिविटी अधूरी

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रायगढ़ – नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर सभी नगर निगम क्षेत्रों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए गए हैं, ताकि शहरों से निकलने वाले दूषित जल को उपचारित कर ही छोड़ा जाए। हालांकि रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में अब भी गंदा पानी बिना उपचार के केलो नदी में मिल रहा है।

कयाघाट के पास स्थित नाले से पूरे जूट मिल क्षेत्र का गंदा पानी सीधे केलो नदी में पहुंच रहा है। प्लास्टिक कचरा रोकने के लिए स्क्रीन लगाई गई है, लेकिन दूषित जल दूसरी ओर से नदी में बह रहा है। यही नहीं, शहर के अन्य चार-पांच स्थानों से भी गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है।

रायगढ़ शहर का पूरा हिस्सा 15 किलोमीटर लंबे उस नदीखंड में आता है, जिसे सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्रों की सूची में शामिल किया गया है। बांजीनपाली और अतरमुड़ा एसटीपी से पूरे ड्रेनेज सिस्टम को जोड़ने का काम इन्वायरो इंफ्रा इंजीनियरिंग कंपनी को सौंपा गया था, लेकिन अधूरा काम छोड़ देने से कई बड़े नाले अब भी एसटीपी से कनेक्ट नहीं हो सके हैं।

बोंदाटिकरा पुल के पास केलो नदी के पानी का उपयोग निस्तारी और औद्योगिक कार्यों में हो रहा है, वहीं पास में जिंदल का पंप हाउस भी है। दूषित पानी के मिलने से नदी का रंग बदल रहा है, जिससे जल गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

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