छत्तीसगढ़ में पहली बार चार घंटे चली मैराथन जीएसटी बैठक, व्यापारियों की समस्याओं पर आयुक्त ने दिए आश्वासन

रायपुर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के इतिहास में पहली बार चार घंटे तक चलने वाली मैराथन जीएसटी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जीएसटी आयुक्त पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को विस्तार से सुना और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक का संचालन चेम्बर अध्यक्ष गोपी सिंह ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने किया। थौरानी ने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की जटिलता, रिफंड में देरी और जांच के दौरान अधिकारियों की सख्त कार्रवाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, चेम्बर संरक्षक श्रीचन्द सुन्दरानी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अधिकारी गलत कार्यवाही करता है तो उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज व्यापारी जीएसटी से भयभीत हैं, इसके बावजूद प्रदेश का जीएसटी कलेक्शन सबसे अधिक है।
बैठक में व्यापारियों की समस्याओं को पांच प्रमुख बिंदुओं पर चिन्हित किया गया। इस दौरान जीएसटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और महासचिव शिव सोनी ने भी अपने सुझाव रखे। सी.ए. रवि ग्वालानी ने कहा कि नोटिस की कार्रवाई से अनावश्यक दबाव नहीं बनना चाहिए, जबकि सी.ए. योगेश वलूयानी ने व्यवस्था की खामियों की ओर ध्यान दिलाया। चेम्बर वाइस चेयरमैन चेतन तारवानी ने कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसे आयुक्त मिले हैं जो व्यापारियों की बात ध्यान से सुनते हैं।
आयुक्त पुष्पेन्द्र मीणा ने बैठक में आश्वासन दिया कि अब जांच के दौरान व्यापारियों के मोबाइल फोन नहीं छीने जाएंगे, कैमरे बंद नहीं होंगे और व्यापारी अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मौजूदगी में भी उपस्थित रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग व्यापारियों के हितों की रक्षा और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में जीएसटी अधिकारी पी.एस. विंध्यराज, पी.आर. धुर्वे, निलिमा तिग्गा, नरेन्द्र वर्मा, दीपक गिरी, याचना ताम्बरे, सुनील चंधारी, सोनल मिश्रा, भावना अली सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। चेम्बर की ओर से प्रदेश महामंत्री अजय भसीन और बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल हुए।






