जिले में साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक दिन में पाँच स्थानों पर 1055 लोग हुए लाभान्वित

रायगढ़। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम और उप पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) श्री अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिले में साइबर जागरूकता अभियान 2025 के अंतर्गत लगातार विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज का दिन बेहद खास रहा, जब जिले के पाँच अलग-अलग स्थानों पर कुल 1055 छात्र-छात्राओं और वार्डवासियों को साइबर अपराधों से बचाव और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों की जानकारी दी गई।
📍 संत टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल, बोइरदादर (चक्रधरनगर क्षेत्र) – यहाँ 245 बच्चों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, एटीएम व यूपीआई धोखाधड़ी से बचाव तथा ओटीपी साझा न करने जैसे जरूरी सुझाव दिए गए।
📍 आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल, पुसौर – 240 छात्रों को साइबर अपराधों के साथ-साथ यातायात नियमों का पालन, महिला अपराधों की रोकथाम, पॉक्सो एक्ट और नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
📍 हायर सेकेंडरी स्कूल, बर्रा (चौकी जोबी क्षेत्र) – यहाँ 150 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
📍 हायर सेकेंडरी स्कूल, कुडेकेला (थाना छाल क्षेत्र) – 230 बच्चों को साइबर सुरक्षा एवं कानूनी विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
📍 सामुदायिक भवन, केवड़ाबाड़ी (थाना कोतवाली क्षेत्र) – शाम को आयोजित कार्यक्रम में वार्ड पार्षद लक्ष्मी साहू की उपस्थिति में लगभग 190 महिला-पुरुष शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) श्री अनिल विश्वकर्मा ने छाल क्षेत्र में छात्रों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह दी। इसी प्रकार विभिन्न स्थानों पर थाना प्रभारियों एवं साइबर सेल टीम ने नागरिकों को जागरूक किया।
निरीक्षक सुखनंदन पटेल अपने स्टाफ एएसआई कोसो सिंह जगत, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह, आरक्षक नवीन शुक्ला तथा महिला आरक्षक प्रतीक्षा मिंज के साथ उपस्थित रहे। वहीं पुसौर कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक राम किंकर यादव, चक्रधरनगर क्षेत्र में टीआई अमित शुक्ला, एएसआई नंद कुमार सारथी, चौकी जोबी में प्रभारी एएसआई लक्ष्मी राठौर सहित पुलिस एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
🔹 पुलिस विभाग का मानना है कि बढ़ते साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। जिला पुलिस समय-समय पर ऐसे अभियान चलाकर युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों को सतर्क करती रहेगी, ताकि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक या साइबर जालसाजी से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।












