जिला शिक्षा अधिकारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण, शिक्षकों की लापरवाही पर जताई नाराजगी, एक दिन का वेतन रोका जाएगा

रायगढ़ । जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डॉ. केवी राव ने रायगढ़ और पुसौर विकासखंड के कई शासकीय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूलों में अव्यवस्था और शिक्षकों की लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण के दौरान शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल रायगढ़ में कक्षा 6वीं के बच्चे पहाड़ा नहीं बता पाए। इस पर डीईओ ने प्राचार्य को निर्देश दिए कि छात्रों को एक सप्ताह के भीतर 20 तक का पहाड़ा याद कराया जाए और इसकी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, कन्या शाला में चल रही ओपन स्कूल की परीक्षा का भी उन्होंने निरीक्षण किया।
हाई स्कूल सूपा में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कक्षा 6वीं और 8वीं के शिक्षक प्रशिक्षण के लिए पुसौर गए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में कोई वैकल्पिक अध्यापन व्यवस्था नहीं की गई थी। कक्षाएं पूरी तरह खाली पाई गईं, जबकि व्याख्याता स्टाफ रूम में बैठे मिले। इस पर नाराज डीईओ ने पूरे स्टाफ का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीईओ डॉ. राव ने पुसौर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित नए पाठ्यपुस्तकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया। यहां गणित अध्यापन की सरल प्रक्रियाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि गणित विषय को बच्चों के लिए रोचक ढंग से पढ़ाया जाए।
हाई स्कूल बुनगा में निरीक्षण के दौरान कक्षा 9वीं का पीरियड होने के बावजूद विषय शिक्षक अनुपस्थित मिले और ब्लैकबोर्ड खाली था। इस पर डीईओ ने प्रभारी प्राचार्य को कड़े निर्देश दिए कि शिक्षकों की उपस्थिति और अध्यापन कार्य सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कक्षा 7वीं के शिक्षक मिनकेतन पटेल बच्चों को गाइड देखकर पढ़ा रहे थे और ब्लैकबोर्ड खाली था। इस पर डीईओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षक को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीईओ डॉ. राव के साथ डीएमसी नरेन्द्र चौधरी, एपीसी भुवनेश्वर पटेल, लेखापाल सुरेन्द्र पटेल और लोकेश गुप्ता भी मौजूद थे।












