समय-सीमा बैठक में कलेक्टर चतुर्वेदी का सख्त निर्देश – लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें

जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सोमवार को समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने की। बैठक में जनदर्शन के लंबित प्रकरणों, विभागीय कार्यों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले आवेदकों को संतोषजनक समाधान मिले, यह विभाग प्रमुखों की जिम्मेदारी है। जिन मामलों में कई विभागों की भूमिका हो, उन्हें आपसी समन्वय से निपटाया जाए।
अतिक्रमण और राजस्व प्रकरणों पर सख्ती
राजस्व प्रकरणों की समीक्षा में कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि जहां अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी हो चुके हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। एसडीएम को अपने अधीनस्थ अमले को सक्रिय कर पारदर्शी और शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने कहा गया। रिकॉर्ड न होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पीएम आवास और विकास कार्य
बैठक में पीएम आवास योजना के अधूरे निर्माण और लंबित किस्तों को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी पुसौर को कलेक्टर ने फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के स्वीकृत विकास कार्यों की शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति भेजने और गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी की तैयारियां
आगामी धान खरीदी पर भी कलेक्टर ने समीक्षा की। उन्होंने समितियों में फड़, रास्ता, लोडिंग-अनलोडिंग और भंडारण की समस्याओं का पूर्व समाधान करने के निर्देश दिए। सभी समितियों में आर्द्रता मापी यंत्र और इलेक्ट्रॉनिक काटा की अनिवार्य व्यवस्था करने तथा फार्मर रजिस्ट्री और नए उपार्जन केंद्रों की तैयारी समय पर पूर्ण करने कहा।
बैठक में सहायक कलेक्टर अक्षय डोसी, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।












