विधिक साक्षरता दिवस पर मध्य.शाला कलमी में शिविर आयोजित

रायगढ़। विधिक साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा सोमवार को मध्य.शाला कलमी में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार जैन के निर्देशन और मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
शिविर की मुख्य बातें
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव, श्रीमती अंकिता मुदलियार ने बच्चों को विधिक जागरूकता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बच्चों को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से जानकारी दी।
- गुड टच और बैड टच: श्रीमती मुदलियार ने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान करने और असुरक्षित स्थिति में तुरंत सतर्क रहने के उपाय बताए।
- साइबर क्राइम से सुरक्षा: उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों के खतरों से सावधान करते हुए बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी।
- किशोर न्याय अधिनियम 2000: उन्होंने बताया कि यह अधिनियम बालकों की देखरेख एवं संरक्षण के लिए बनाया गया है और इसका उद्देश्य बच्चों को अपराध से दूर रखकर सामाजिक सुधार लाना है।
- बाल श्रम निषेध: इस दौरान उन्होंने ‘बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियम) अधिनियम’ पर भी प्रकाश डालते हुए बच्चों को समझाया कि बाल श्रम समाज की गंभीर समस्या है, जो गरीबी और अशिक्षा से उत्पन्न होती है।
नि:शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
शिविर के अंत में श्रीमती मुदलियार ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंदों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है। उन्होंने बच्चों और उपस्थित शिक्षकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति कानूनी सहायता पाने का पात्र है, तो वे प्राधिकरण से संपर्क करें।
बच्चों ने दिखाई उत्सुकता
इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और कानूनी जानकारी को उत्सुकता से सुना। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय स्टाफ ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।












