रायगढ़ में नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन

7 लाख से अधिक मामलों का हुआ निराकरण, 93 करोड़ से ज्यादा का हुआ सेटलमेंट
रायगढ़, 13 सितंबर। जिला न्यायालय रायगढ़ में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जितेन्द्र कुमार जैन, प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने न्यायालयीन सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
27 खण्डपीठों का गठन
जिला एवं तहसील न्यायालयों में विभिन्न प्रकृति के राजीनामा योग्य मामलों को निराकरण हेतु रखा गया। इनमें शामिल थे:
- मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
- बैंक वसूली प्रकरण
- आपराधिक मामले
- विद्युत प्रकरण
- श्रम विवाद
- पारिवारिक विवाद
- चेक बाउंस
- सिविल मामले
- छोटे अपराध एवं यातायात उल्लंघन के मामले
इन्हें लेकर जिला मुख्यालय रायगढ़, सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया, भटगांव और बिलाईगढ़ के न्यायालयों के साथ-साथ परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय और किशोर न्याय बोर्ड को मिलाकर कुल 27 खण्डपीठों का गठन किया गया। इसके अलावा रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ के राजस्व न्यायालयों में भी खण्डपीठ स्थापित किए गए।
मामलों की स्थिति
लोक अदालत में कुल 7,01,628 प्रकरण राजीनामा आधार पर निराकरण हेतु रखे गए, जिनमें शामिल थे:
- 7,719 लंबित प्रकरण
- 6,93,909 प्रीलिटिगेशन प्रकरण
इनमें से:
- 5,818 लंबित प्रकरण का निराकरण किया गया
- 6,75,750 प्रीलिटिगेशन प्रकरण का निपटारा हुआ
आर्थिक सेटलमेंट
लोक अदालत में जिन प्रकरणों का निराकरण हुआ, उनके अंतर्गत कुल ₹93 करोड़ 2 लाख 32 हजार 24 रुपये का सेटलमेंट किया गया। यह बड़ी राशि न केवल न्यायिक व्यवस्था में लोक अदालत की उपयोगिता को दर्शाती है बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी समझौते से न्याय सुनिश्चित करने का सकारात्मक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।
महत्व
नेशनल लोक अदालत का यह आयोजन जनसाधारण को त्वरित, किफायती और सरल न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का समाधान न केवल अदालतों के भार को कम करेगा बल्कि लोगों को भी राहत प्रदान करेगा।












