नवरात्रि में गूंज रही रायगढ़ जिला जेल, 48 बंदी कर रहे उपवास और भजन-कीर्तन

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल इन दिनों माता रानी के भजन-कीर्तन से गूंज रही है। बैरक में “जय माता दी” के जयकारे लगातार सुनाई दे रहे हैं। दरअसल, शारदीय नवरात्रि के अवसर पर जेल प्रबंधन ने विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत पुरुष और महिला बंदी पूरे श्रद्धाभाव से उपवास और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
जेल अधीक्षक जीएस शोरी ने बताया कि नवरात्रि शुरू होने से पहले प्रबंधन ने बंदियों से इस विषय पर बातचीत की थी। इसमें 48 बंदियों ने पूजा-पाठ और उपवास करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद शारदीय नवरात्र के पहले दिन से ही सभी ने उपवास रखना शुरू कर दिया। इनमें से 32 बंदी पूरे 9 दिन का व्रत रख रहे हैं, जबकि 16 बंदी 3 दिन का उपवास कर रहे हैं। खास बात यह है कि उपवास रखने वालों में 7 महिला बंदी भी शामिल हैं।
नवरात्रि के पावन दिनों में बंदियों ने बैरक में ज्योत जलाई है और पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। प्रबंधन की ओर से सुबह और शाम भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जेल का माहौल भक्तिमय बन गया है।
फलाहार की व्यवस्था
जेल अधीक्षक जीएस शोरी ने बताया कि उपवास कर रहे बंदियों के लिए नियमानुसार फलाहार की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रबंधन ने एक समय का फलाहार उपलब्ध कराया है ताकि बंदी धार्मिक आस्था के साथ उपवास रख सकें।
भक्ति में डूबे बंदी
पूजा और भजन-कीर्तन में शामिल बंदी नवरात्रि के इन दिनों में मां दुर्गा से अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं। बैरकों में गूंजते “जय माता दी” के जयकारे और मां दुर्गा की आराधना से जेल परिसर में इन दिनों आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण वातावरण का अनुभव किया जा रहा है।












