रायगढ़ में बाढ़ आपदा बचाव कार्य का मॉक ड्रिल, ग्रामीणों को दी गई सावधानियों की जानकारी

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत सिंगपुरी और चंघोरी गांवों में शुक्रवार को बाढ़ आपदा राहत कार्य का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इस दौरान महानदी में कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना पर तत्काल राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंची और मोटरबोट की सहायता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दरअसल यह पूरा अभियान बाढ़ आपदा राहत और बचाव प्रशिक्षण का हिस्सा था। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय बचाव कार्य को लेकर प्रशासनिक अमले की तैयारियों का आकलन करना और ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराना था।
अभ्यास के दौरान किए गए प्रमुख कार्य
मॉक ड्रिल के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि बाढ़ की स्थिति में टापू में फंसे लोगों को मोटरबोट के जरिए सुरक्षित स्थानों पर कैसे पहुंचाया जाए। साथ ही पानी में डूबते लोगों को निकालकर तुरंत चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इसके अलावा, गांवों में जलभराव जैसी परिस्थितियों में नियंत्रण कक्ष का संचालन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, राहत शिविरों की पहचान, आपातकालीन सहायता स्थल, स्वास्थ्य केंद्र, खोज एवं बचाव कार्य, नुकसान का आकलन और राहत एवं पुनर्वास जैसे बिंदुओं पर विशेष अभ्यास किया गया।
मेडिकल और सुरक्षा इंतजाम
ड्रिल के दौरान मेडिकल सुविधा के लिए चिकित्सकों और एम्बुलेंस टीम को तैनात रखा गया था। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल और मोटरबोट में प्रशिक्षित तैराक मौजूद रहे।
ग्रामीणों की मौजूदगी
मॉक ड्रिल की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बाढ़ राहत कार्य के समय बरती जाने वाली सावधानियों और प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से बताया।
शामिल विभाग और टीमें
मॉक ड्रिल में नगर सेना के जिला आपदा राहत बल ने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, विद्युत, खाद्य विभाग समेत कई प्रशासनिक अमलों के साथ हिस्सा लिया।












