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छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने मकान खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब जो हितग्राही वर्षों से बकाया भुगतान के बोझ से जूझ रहे हैं, उन्हें एकमुश्त भुगतान करने पर ब्याज राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इस फैसले से खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों (Middle Class Family) को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बढ़ते ब्याज के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे।
स्ववित्तीय और भाड़ा-क्रय योजना वालों को लाभ
हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने की। उन्होंने बताया कि यह छूट स्ववित्तीय और भाड़ा-क्रय आधार पर आवंटित संपत्तियों के हितग्राहियों के लिए लागू होगी। यदि कोई आवंटी अपना पूरा बकाया एक साथ जमा करता है, तो उसे ब्याज में आधी छूट का लाभ मिलेगा, जिससे कुल देनदारी काफी कम हो जाएगी।
वॉटर चार्ज पर भी 50% सरचार्ज में छूट
बोर्ड ने केवल मकान की बकाया राशि ही नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित वॉटर चार्ज को लेकर भी राहत दी है। यदि हितग्राही वॉटर शुल्क एकमुश्त जमा करते हैं, तो उन पर लगे सरचार्ज में भी 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे आवंटियों को एक साथ सभी देनदारियां निपटाने का अवसर मिलेगा।
बकाया निपटान और योजनाओं को गति देने की पहल
बोर्ड का मानना है कि इस निर्णय से वर्षों से लंबित मामलों का समाधान होगा और हाउसिंग योजनाओं में फंसी राशि की वसूली संभव हो सकेगी। साथ ही, हितग्राहियों को कानूनी और आर्थिक तनाव से राहत मिलेगी। यह फैसला हाउसिंग बोर्ड और मकान खरीदारों दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
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