रायगढ़ में तीन महीने से गंदा पानी सप्लाई, अमृत मिशन की पोल खुली — टेस्ट रिपोर्ट में मिला बैक्टीरिया और मैलापन

रायगढ़। शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पिछले तीन महीनों से रायगढ़ के अधिकांश वार्डों में गंदा और दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। अमृत मिशन के तहत संचालित फिल्टर प्लांटों से आने वाला पानी बैक्टीरिया और मैलापन से भरा पाया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लैब में किए गए हालिया परीक्षणों में यह खुलासा हुआ है कि शहर को सप्लाई हो रहा पानी स्वीकृत मानकों से कहीं ज्यादा दूषित है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद अमृत मिशन योजना गुणवत्ता और निगरानी में नाकाम साबित हो रही है।
🔹 दोनो फिल्टर प्लांटों की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
रायगढ़ नगर निगम हर सप्ताह दोनों फिल्टर प्लांटों — 17 एमएलडी और 32 एमएलडी — से पानी के नमूने लेकर परीक्षण कराता है।
हाल में मिली 23 सितंबर और 30 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार:
- 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट का पानी 9.48 NTU टर्बिडिटी (गंदलापन) वाला पाया गया।
- 32 एमएलडी फिल्टर प्लांट का स्तर 5.31 NTU दर्ज हुआ।
जबकि मानकों के अनुसार 5 NTU तक ही गंदलापन स्वीकार्य है।
🔹 वार्डों में स्थिति और भी गंभीर
विभिन्न वार्डों से लिए गए नमूनों में टर्बिडिटी का स्तर बेहद ऊंचा पाया गया —
- वार्ड 21 बेलादुला पाइपलाइन: 26.35 NTU
- वार्ड 21 बंगलापारा: 20.84 NTU
- वार्ड 48 मालीडिपा: 15.43 NTU
पानी का रंग भी मटमैला पाया गया और लगभग किसी भी वार्ड का पानी साफ नहीं मिला।
🔹 स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार का दूषित पानी पेट से जुड़ी बीमारियों, टायफाइड, हैजा और स्किन इंफेक्शन जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है। बावजूद इसके, नगर निगम और संबंधित विभागों ने अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं दिए हैं।












