किसान की जमीन को कॉलोनाइजर ने चारों तरफ से घेरा..।।

रायगढ़ में एक अन्नदाता अपने खेत के लिए रास्ते की गुहार लगा रहा है। किसान के खेत जाने के रास्ते पर कॉलोनी तैयार हो रही है रास्ता बंद हो जाने से उसकी खेती नही हो पाएगी जिसको लेकर किसान चिंतित है।
रायगढ़ जिला तेजी से बढ़ रहा है पॉश कॉलोनियां मॉल, गाड़ियों के बड़े बड़े शो रूम रायगढ़ की शान बढ़ा रहे है। ताजा मामला छातामुड़ा में एक नई विकसित होती निजी कॉलोनी से सम्बन्धित है जिसके बाउंड्रीवाल का काम शुरू हो चुका है। लेकिन इस कॉलोनी के बाउंड्री से लगकर किसान जितेंद यादव का खेत है। कॉलोनी की बाउंड्री वाल की वजह से किसान के खेत जाने का रास्ता बंद हो गया है यदि किसान की जमीन पर आने जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा तो वह खेती नहीं कर पाएगा।अपने खेत तक जाने के लिए किसान अब रास्ता मांगने न्यायालय की शरण मे गया है।यह आम आदमी का अधिकार है लेकिन यंहा एक बड़ा सवाल यह भी उठता है कि क्या कॉलोनाइजर रेरा के प्रावधानों को मानता है। क्या कॉलोनी बनाने के लिए कृषि भूमि पर दी गई अनुमति में इस बात का उल्लेख नही होता कि किसान के खेत के रास्ते प्रभावित न हो। ऐसे कई सवाल है जिनके जवाब यदि किसान के पास होते तो तहसील स्तर पर ही उसकी समस्या खत्म हो जाती और न्यायालय के सालों साल चलने वाले केस से उसे मुक्ति मिल जाती। जानबूझकर किसान की समस्या का निराकरण नही तहसील कार्यालय में नही किया जा रहा ताकि कॉलोनाइजर को निर्माण के लिए भरपूर समय दिया जा सके।












