बिलासपुर रेल हादसा : राहत कार्य तेज, ट्रैक बहाली अंतिम चरण में; मृतकों की संख्या हुई 11, कई गंभीर घायल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। बुधवार सुबह तक दुर्घटनाग्रस्त मेमू पैसेंजर ट्रेन के कोचों को क्रेन की मदद से ट्रैक से हटा दिया गया है। अब अपलाइन ट्रैक को साफ कर रेल यातायात बहाल करने की प्रक्रिया तेज़ गति से चल रही है।
रेलवे प्रशासन और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें रात भर घटनास्थल पर डटी रहीं। भारी-भरकम क्रेन, इंजीनियरिंग स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से ट्रैक की मरम्मत और क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि कुछ घंटों में ट्रेनों की आवाजाही आंशिक रूप से शुरू हो सकती है।
कैसे हुआ हादसा
मंगलवार शाम रायगढ़ से बिलासपुर की ओर आ रही मेमू पैसेंजर ट्रेन, लालखदान स्टेशन के पास पहले से खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
इस हादसे में अब तक 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर है, जिनका उपचार बिलासपुर और आसपास के अस्पतालों में जारी है।
मुआवजे की घोषणा
केंद्र और राज्य सरकार ने प्रभावितों के लिए सहायता राशि का ऐलान किया है—
- केंद्र सरकार
- मृतकों के परिजनों को — ₹10 लाख
- गंभीर घायलों को — ₹1 लाख
- सामान्य घायल — ₹50 हजार
- छत्तीसगढ़ सरकार
- मृतकों के परिजनों को — ₹5 लाख
- घायलों को — ₹50 हजार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दिल्ली से राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ है।
सिग्नल गड़बड़ी की आशंका, जांच आदेश
प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, हादसे के पीछे सिग्नल फेल या तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर विस्तृत जांच का आदेश जारी कर दिया गया है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी।
स्थानीय क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल
हादसे के बाद पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ लगी हुई है, वहीं रेलवे टीमें प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटी हुई हैं।












