अमाया रेस्टोरेंट विवाद: बुजुर्ग को पारंपरिक वेशभूषा में जाने से रोका, शहर में सांस्कृतिक अपमान को लेकर उबाल

रायगढ़। जुटमिल थाना क्षेत्र के छातामुरा चौक स्थित अमाया होटल के रेस्टोरेंट में गुरुवार 06 नवंबर की शाम एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने शहर में परंपरा, सभ्यता और पहनावे की गरिमा को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है। बरमकेला के 65 वर्षीय वृद्ध किसान विष्णु चरण साहू को उनकी पारंपरिक वेशभूषा लूंगी, बनियान और गमछा के कारण रेस्टोरेंट प्रबंधन द्वारा कथित रूप से बेइज्जत कर बाहर निकाल दिया गया। यह घटना देखते ही देखते पूरे शहर में आक्रोश का विषय बन गई।
जानकारी के अनुसार, श्री साहू अपने परिवार के साथ अपने पोते का जन्मदिन मनाने रेस्टोरेंट पहुंचे थे। परिवार ने पहले से टेबल बुक कर रखी थी। वे जैसे ही बैठकर भोजन का ऑर्डर देने लगे, तभी रेस्टोरेंट का मैनेजर उनके पास आया और पहनावे को अनुचित बताते हुए उनसे रेस्टोरेंट छोड़ने के लिए कहा। बताया गया कि मैनेजर ने कठोर और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि “ऐसे कपड़ों में यहाँ दोबारा मत आना।”
इस व्यवहार से अपमानित महसूस करते हुए श्री साहू और उनका परिवार बिना भोजन किए ही बाहर आ गए। परिवार की खुशी का यह अवसर क्षण भर में कड़वे और दर्दभरे अनुभव में बदल गया।
घटना की जानकारी आसपास के लोगों और सामाजिक संगठनों तक पहुँची तो रात होते-होते रेस्टोरेंट के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे स्थानीय संस्कृति, किसानों और पारंपरिक पहनावे का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि “लूंगी, बनियान और गमछा हमारी पहचान है। पहनावा व्यक्तित्व की गरिमा तय नहीं करता।”












