दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने बिलासपुर–रायगढ़ रेलखंड का निरीक्षण किया, संरक्षा सेमिनार में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने बुधवार को बिलासपुर–रायगढ़ रेलखंड का विंडो निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रैक मेंटेनेंस, सिग्नलिंग सिस्टम, कर्व, ब्रिज, समपार फाटक और क्रॉसिंग पॉइंट्स सहित रेल संरक्षा और परिचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गति प्रतिबंधों और संरक्षा मानकों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक रायगढ़ रेलवे इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘SPAD से बचाव’ विषयक संरक्षा सेमिनार में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रेल संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसे हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, जिम्मेदारी और दक्षता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
सेमिनार में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्ड, रेल पथ, सिग्नल एवं संरक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। महाप्रबंधक ने फील्ड कर्मचारियों को नवीन तकनीकों के प्रयोग से कार्यकुशलता बढ़ाने और दुर्घटनामुक्त परिचालन सुनिश्चित करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने लोको पायलटों और उनके परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाया।
तरुण प्रकाश ने सेमिनार में उपस्थित रेलकर्मियों को सिग्नल की दृश्यता (Signal Visibility) पर विशेष ध्यान देने तथा मानक नियमों का पालन करते हुए कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, सतर्कता और पूर्व नियोजित रखरखाव के माध्यम से परिचालन में सुधार लाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने रायगढ़ स्टेशन, रनिंग रूम, प्रतीक्षालय, लॉबी और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों का भी अवलोकन किया। महाप्रबंधक ने यात्री सुविधाओं और सर्कुलेटिंग एरिया के उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण किए जाएं, ताकि यात्रियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इसके अलावा, उन्होंने चक्रधर नगर में ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए बन रहे निर्माणाधीन हट केबिन (ब्लॉक केबिन) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।












