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रायगढ़ में दो बच्चों ने दिखाई बहादुरी: नाले में डूबते 5 वर्षीय बच्चे की बचाई जान, कलेक्टर ने किया सम्मानित — राज्य वीरता पुरस्कार के लिए भेजा गया प्रस्ताव

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दो नन्हे बच्चों ने ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे जिले को गर्व से भर दिया है। बारिश के दौरान दो बच्चों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 5 साल के एक बच्चे को नाले के तेज बहाव से बचा लिया। उनकी इस अदम्य साहस और सूझबूझ के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने उन्हें सम्मानित किया और राज्य वीरता पुरस्कार के लिए उनके नाम का प्रस्ताव भेजने की घोषणा की।

घटना 24 सितंबर की है, जब पंडरीपानी प्राथमिक स्कूल के पास बालसमुंद नाले में बारिश का पानी तेजी से भर गया था। इसी दौरान खेलते हुए 5 वर्षीय दादू मिंज नाले में गिर गया और बहाव में बहने लगा। यह देख मौके पर मौजूद राकेश मिंज और आर्यन खेस ने बिना किसी झिझक के नाले में छलांग लगा दी और बहादुरी से दादू को बाहर निकाल लिया।

दोनों बच्चों ने न केवल उसे बचाया, बल्कि तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर प्राथमिक उपचार भी कराया, जिससे दादू की जान बच गई। मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और स्कूल के प्रधान पाठक दोनों बच्चों को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बच्चों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा — “ऐसे बच्चे हमारे समाज के लिए प्रेरणा हैं। इनसे हर किसी को सीख लेनी चाहिए।” जब कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि उन्हें इनाम में क्या चाहिए, तो उन्होंने मासूमियत से “चॉकलेट” मांगी। कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए उन्हें साइकिल देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने दोनों बच्चों की वीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को उनके नाम राज्य वीरता पुरस्कार के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।
राकेश और आर्यन की यह निडरता और मानवीय संवेदना समाज में साहस, करुणा और जिम्मेदारी की एक अनमोल मिसाल बन गई है।

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