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जिले में अवैध धान परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 25 चेकपोस्ट पर चौबीसों घंटे निगरानी

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जिले में अवैध रूप से धान के परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर अंतर्राज्यीय एवं आंतरिक सीमाओं पर स्थापित 25 चेकपोस्ट पर 24×7 निगरानी की व्यवस्था की गई है। भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना, बोईरदादर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा, ऐडू और रीलो में तैनात टीमों द्वारा कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। अनुविभागीय स्तर पर भी विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध धान परिवहन या भंडारण में लिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सहज और पारदर्शी ढंग से जारी है धान खरीदी प्रक्रिया

जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कुल 105 उपार्जन केंद्र संचालित हैं। शासन के निर्देशानुसार इन सभी केंद्रों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। धान खरीदी से जुड़े किसी भी प्रकार की शिकायतें खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।
साथ ही, अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और कॉल सेंटर धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, बिचौलियों की गतिविधियों पर निगरानी और धान उठाव व परिवहन की सतत मॉनिटरिंग कर रहा है।


पारदर्शिता के लिए जिला स्तरीय जांच समिति सक्रिय

सुगम एवं पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर राकेश कुमार गोलछा, खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्त सहकारिता व्यास नारायण साहू, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम सी. आदि नारायण एवं एसडीएम स्तर के अधिकारी शामिल हैं। समिति लगातार उपार्जन केंद्रों और खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा कर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है।


किसानों के लिए टोकन व्यवस्था और विशेष निर्देश

किसानों की सुविधा के लिए पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी टोकन व्यवस्था लागू है। भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं—

  • 2 एकड़ तक : 1 टोकन
  • 2 से 10 एकड़ तक : अधिकतम 2 टोकन
  • 10 एकड़ से अधिक : अधिकतम 3 टोकन

किसान टोकन उपार्जन केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं या ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17% से अधिक न हो। धान साफ-सुथरा, कचरा और अशुद्धियों से मुक्त होना चाहिए। साथ ही टोकन, ऋण पुस्तिका और आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लेकर आएं।

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