रायगढ़ : धान खरीदी केंद्र में अमानक धान लाने पर विवाद, प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई

रायगढ़। राज्य शासन की धान खरीदी नीति के तहत जिले में धान उपार्जन का कार्य सुचारू रूप से जारी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार सभी उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार, 3 दिसंबर को लोईंग धान उपार्जन केंद्र क्रमांक 845 में एक विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।
अमानक धान पाया गया, समिति ने किसान को दी जानकारी
ग्राम महापल्ली निवासी किसान राजेन्द्र कुमार अग्रवाल ने जारी टोकन के माध्यम से दो ट्राली में लगभग 42 क्विंटल खुला धान विक्रय हेतु केंद्र में लाया था। केंद्र में मौजूद जिला प्रशासन के अधिकृत अधिकारी ने धान की मानक जांच की, जिसमें धान अमानक गुणवत्ता का पाया गया।
समिति प्रबंधन द्वारा किसान को विनम्रतापूर्वक सूचित किया गया कि अमानक धान को उपार्जन केंद्र में खरीदा नहीं जा सकता।
समझाइश के दौरान स्थानीय ग्रामीण ने किया विवाद
इसी दौरान केंद्र में मौजूद स्थानीय ग्रामीण मनोज प्रधान (पिता–कालिया प्रधान, निवासी–लोईंग) ने धान जांच कर रहे अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
घटना पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने मनोज प्रधान के विरुद्ध बी.एन.एस.एस. के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बंधपत्र निष्पादन की प्रक्रिया संपादित की।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों और ग्रामीणों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि
धान खरीदी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप की जा रही है।
अमानक धान के विक्रय का प्रयास न करें।
उपार्जन केंद्रों में अनावश्यक हस्तक्षेप व अव्यवहारिक व्यवहार से बचें।
प्रशासन ने कहा है कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा या अव्यवहारिक आचरण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












