तय समय पर पूरी हुई धान खरीदी, 140 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उपार्जन — मुख्यमंत्री साय

31 जनवरी को विधिवत संपन्न हुआ धान खरीदी अभियान
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी अभियान 31 जनवरी को तय समय-सीमा में पूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे राज्य सरकार की एक बड़ी प्रशासनिक सफलता बताया है।
डिजिटल निगरानी से पारदर्शी बनी खरीदी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी तक चली और इस दौरान एग्री स्टैक व संबंधित डिजिटल ऐप के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पंजीकृत किसान धान बेचने से वंचित न रहे।
140 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस अभियान में राज्यभर से लगभग 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने दावा किया कि सभी पंजीकृत किसानों ने अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचा और किसी को भी अतिरिक्त इंतजार या भटकाव का सामना नहीं करना पड़ा।
सरकार की प्राथमिकता किसान हित
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह रही कि किसान को सुव्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था मिले। खरीदी केंद्रों पर डिजिटल सिस्टम के जरिए निगरानी से गड़बड़ियों पर अंकुश लगाया गया।
शिकायतों पर होगी आवश्यक कार्रवाई
धान खरीदी से जुड़ी शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी तथ्यों की समीक्षा कर रही है। यदि किसी स्तर पर तकनीकी, प्रशासनिक या संसाधन संबंधी कमी सामने आती है, तो उसके अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़
धान खरीदी अभियान को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर खरीदी और भुगतान से किसानों में भरोसा मजबूत हुआ है और इसका सीधा असर बाजार और ग्रामीण क्रय शक्ति पर पड़ेगा।












