अगले दिन जंगल में मिला शव
12 फरवरी की सुबह दोबारा खोज शुरू हुई। इस बार गहुआ भादा जंगल से पुल भादा की ओर जाने वाले पगडंडी रास्ते के किनारे लालसाय का शव मिला। उसके गले पर गहरे वार के निशान थे और पहली नजर में ही यह साफ हो गया कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है।
जमीन विवाद पर पुलिस की नजर
परिजनों ने पुलिस को बताया कि परिवार में लंबे समय से जमीन बंटवारे को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने इस एंगल से जांच तेज की। शक की सुई परिवार के ही एक सदस्य देवसाय पण्डो उर्फ देवान पर जाकर टिक गई। उसे हिरासत में लेकर जब पूछताछ हुई तो पूरा सच बाहर आ गया।
कातिल निकला चचेरा भाई
पूछताछ में देवसाय ने स्वीकार किया कि उसी ने लालसाय की हत्या की। उसने बताया कि 11 फरवरी को वह लालसाय को बहाने से पुल भादा जंगल ले गया था। वहीं दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में उसने टांगी से लालसाय के गले पर वार किया। चोट लगने के बाद लालसाय जान बचाकर भागा, लेकिन गहुआ भादा की ओर जाकर गिर पड़ा। देवसाय ने उसका पीछा किया और दोबारा वार कर उसकी हत्या कर दी।
गुमराह करने के लिए खुद मामा को किया फोन
हत्या के बाद आरोपी ने लालसाय के मोबाइल से उसके मामा को वही कॉल किया, जिसमें मौत की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उसने शक से बचने के लिए मोबाइल को तोड़कर उसकी बैटरी और सिम झाड़ियों में फेंक दिए। इतना ही नहीं, अगले दिन वह खुद ग्रामीणों के साथ मिलकर लालसाय की तलाश करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक का कीपैड मोबाइल, टूटा हुआ सिम कार्ड, बैटरी और हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी बरामद कर ली है। देवसाय को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है।