छत्तीसगढ़

“छत्तीसगढ़ के 60 लाख सरकारी स्कूल बच्चों के लिए नया रूप: अगले सत्र से नए यूनिफॉर्म में दिखेंगे छात्र”

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए नई यूनिफार्म लागू की जा रही है। नई यूनिफार्म में कत्थे रंग की पैंट और नीले रंग की चेक शर्ट शामिल होगी, जो निजी स्कूलों की यूनिफार्म जैसी सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देगी।

रायपुर: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए आगामी शिक्षा सत्र एक नई सौगात लेकर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए नई यूनिफार्म लागू की जा रही है, जिससे अब छात्र-छात्राएं पुरानी सफेद शर्ट और नीली पैंट की जगह आधुनिक और आकर्षक ड्रेस में नजर आएंगे। नई यूनिफार्म में कत्थे रंग की पैंट और नीले रंग की चेक शर्ट शामिल होगी, जो निजी स्कूलों की यूनिफार्म जैसी सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। नई यूनिफार्म से न केवल बच्चों की पहचान सुदृढ़ होगी, बल्कि सरकारी स्कूलों की छवि भी बेहतर बनेगी। इससे विद्यार्थियों में स्कूल आने की रुचि बढ़ेगी और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होगा।

हथकरघा विपणन सहकारी संघ को जिम्मेदारी

यूनिफार्म निर्माण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विपणन सहकारी संघ को सौंपी गई है। इसके अंतर्गत लगभग 60 लाख यूनिफार्म तैयार की जा रही हैं। इस कार्य में संघ से जुड़ी 329 पंजीकृत समितियों के बुनकर लगे हुए हैं।

गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत वर्तमान सत्र में बिलासपुर और अंबिकापुर जिलों के अधिकांश स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। वहां से मिले सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन जिलों में नई यूनिफार्म को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अच्छा प्रतिसाद मिला, जिसके चलते सरकार ने इसे राज्यस्तरीय योजना का रूप दिया।

वर्ष में दो बार मुक्त में यूनिफार्म

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वर्ष में दो बार मुफ्त यूनिफार्म उपलब्ध कराई जाती है। इसका प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। कई परिवारों के लिए बच्चों की यूनिफार्म खरीदना एक अतिरिक्त बोझ होता है, जिसके कारण कई बार बच्चे स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इस योजना के माध्यम से ड्रापआउट की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

अगले सत्र से पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए नई यूनिफार्म तैयार की जा रही है। अभी तक लगभग 50 प्रतिशत यूनिफार्म तैयार हो चुकी है। हमारा मुख्य उद्देश्य नए सत्र में स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यार्थियों को समय पर यूनिफार्म उपलब्ध कराना है।

– एमएम जोशी, सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विपणन सहकारी संघ

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button