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मिडिल ईस्ट तनाव से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल, कच्चे तेल में तेज उछाल, शेयर बाजार दबाव में

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव की आशंका के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में एक बार फिर भारी अस्थिरता देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति के ताजा बयान के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई, जिसका सीधा असर शेयर बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है।


🔹 एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट

गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में 1.4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स मार्केट भी करीब 1 प्रतिशत कमजोर हो गया। निवेशकों की जोखिम से दूरी बढ़ने के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव देखा गया।


🔹 कच्चे तेल की कीमत $105 के पार

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 4.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह $105 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इससे वैश्विक महंगाई और ऊर्जा संकट की आशंका और गहरा गई है।


🔹 बॉन्ड मार्केट में भी हलचल

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ा है। इसी कारण अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.36 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे शेयर बाजारों पर अतिरिक्त दबाव बना है।


🔹 ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए हैं कि आने वाले 2–3 हफ्तों में ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने बातचीत के विकल्प खुले रहने की बात भी कही, लेकिन बाजार ने इसे नकारात्मक संकेत के रूप में लिया।


🔹 होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट

विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव सबसे बड़ा जोखिम बनकर उभरा है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। किसी भी बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।


🔹 आगे का अनुमान

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है तथा तेल की कीमतों में और तेजी संभव है।

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