रायगढ़: पुसौर क्षेत्र में कोयला आपूर्ति के लिए रेल परियोजना तेजी से प्रगति पर

बिजली संयंत्र के लिए विकसित हो रहा रेल मार्ग
रायगढ़ जिले के पुसौर तहसील अंतर्गत छोटेभंडार क्षेत्र में स्थापित कोयला आधारित बिजली संयंत्र के लिए रेल परियोजना पर तेजी से काम जारी है। वर्तमान में संयंत्र से 600 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि अतिरिक्त 2×800 मेगावाट क्षमता के विस्तार का कार्य भी जारी है।
कई गांवों से होकर गुजरेगी रेल लाइन
प्रस्तावित रेल लाइन किरोड़ीमल से शुरू होकर मुरालीपाली, उच्चभिट्ठी, काशीचुआ, गेजमुड़ा, बनहर, बघनपुर, जामपाली, उसरौट, बालमगोंडा, कुरमापली, गोर्रा, राईतराई, बुलाकी, बासनपाली, रुचिदा, शंकरपाली, पुसलदा, कोतमरा और बड़ेभंडार तक जाएगी। परियोजना से जुड़े 20 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण में आंशिक बाधाएं
जानकारी के अनुसार 18 गांवों के भू-स्वामियों ने मुआवजा स्वीकार कर लिया, जबकि 2 गांवों में कुछ लोगों द्वारा अधिक मुआवजे की मांग के कारण कार्य प्रभावित हुआ। प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया।
सड़क परिवहन का दबाव होगा कम
फिलहाल कोयले की आपूर्ति सड़क मार्ग से होती है, जिससे भारी वाहनों का दबाव बढ़ता है। रेल मार्ग शुरू होने के बाद सड़क यातायात कम होगा, धूल-प्रदूषण में कमी आएगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी घटेगा।
ऊर्जा और विकास को मिलेगा बल
इस परियोजना को क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति की महत्वपूर्ण जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। इससे बिजली उत्पादन की निरंतरता बनी रहेगी, परिवहन व्यवस्था सुधरेगी और स्थानीय स्तर पर विकास गतिविधियों को भी गति मिलेगी।






