छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक दौर में, राज्य में विकास और सुशासन पर जोर: सीएम विष्णुदेव साय

Vishnu Deo Sai ने 31 मार्च को Chhattisgarh में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक “ऐतिहासिक दिन” बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सलवाद जैसे लंबे समय से चले आ रहे संकट से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और सुशासन के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
केंद्र-राज्य समन्वय को बताया सफलता का आधार
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि का श्रेय Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व को देते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” के समन्वय और सुरक्षा बलों की रणनीति ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक परिणाम दिए हैं।
“पहले की सरकार पर निशाना”
सीएम साय ने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट रणनीति और इच्छाशक्ति की कमी रही, जिससे स्थिति गंभीर बनी रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पहले नक्सलवाद का प्रभाव बहुत अधिक था और यह क्षेत्रीय विकास में बड़ी बाधा बना रहा।
बस्तर में विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने दशकों तक Bastar क्षेत्र के विकास को बाधित किया, लेकिन अब वहां तेजी से बदलाव हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा में लौट रहा है।
सुरक्षा और रणनीति पर फोकस
सरकार के अनुसार, केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय, सुरक्षा अभियानों में तेजी और स्पष्ट रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।
आगे की दिशा
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होगा।
राज्य सरकार का दावा है कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रहा अभियान अब निर्णायक चरण में है और आने वाले समय में Chhattisgarh विकास के नए मॉडल के रूप में उभरेगा।






