छत्तीसगढ़

रायपुर के मोवा क्षेत्र में जल संकट: 84 परिवारों की जिंदगी प्रभावित

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रायपुर के मोवा क्षेत्र में स्थित अशोका इम्प्रेशन और दुबे कॉलोनी में जल संकट ने निवासियों की जिंदगी को कठिन बना दिया है। लगभग 84 परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। भीषण गर्मी में यह समस्या और गहराती जा रही है।


हर साल गर्मियों में संकट चरम पर

स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई नई समस्या नहीं है। फरवरी से जुलाई तक पानी की किल्लत चरम पर रहती है। इस दौरान नल सूख जाते हैं और टंकियों में पानी नहीं पहुँच पाता, जिससे निवासियों को महीनों तक पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है।


महंगे पानी पर मजबूर

स्थिति इतनी खराब है कि लोग पीने और नहाने के लिए बाजार से महंगे पैकेज्ड पानी और टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।


बिल्डर पर लापरवाही के आरोप

यह फ्लैट प्रोजेक्ट आरती बिल्डकॉन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित है। निवासी आरोप लगा रहे हैं कि बिल्डर ने इमारत तो खड़ी कर दी, लेकिन बुनियादी सुविधाओं, खासकर पानी की व्यवस्था नहीं की। कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं किया गया।


किरायेदार सबसे ज्यादा परेशान

कॉलोनी के कई फ्लैट मालिक बाहर रह रहे हैं और मकान किराए पर दिए हैं। ऐसे में पानी की समस्या का सबसे बड़ा असर किरायेदारों पर पड़ रहा है।


प्रशासन से कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से फौरन हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मुख्य मांगें हैं:

  • नियमित पानी सप्लाई सुनिश्चित करना
  • दोषी बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई
  • स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना

आंदोलन की चेतावनी

निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। गर्मी बढ़ने के साथ यह संकट और गहराने की संभावना है।

राजधानी में बुनियादी जरूरतों के लिए यह संघर्ष प्रशासन और बिल्डर की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो यह मुद्दा बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

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