RBI मौद्रिक नीति पर देश की नजर, आज तय होगा EMI का भविष्य

सुबह 10 बजे RBI गवर्नर करेंगे बड़ा ऐलान
आज का दिन देश के करोड़ों कर्जदारों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे नए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे।
इस फैसले पर सभी की नजर टिकी है कि क्या होम लोन और कार लोन की EMI घटेगी या फिर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
तीन दिवसीय बैठक के बाद होगा फैसला
6 अप्रैल से शुरू हुई तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में आर्थिक हालात, महंगाई और वैश्विक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई है।
आज गवर्नर न सिर्फ रेपो रेट की घोषणा करेंगे, बल्कि दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की आर्थिक स्थिति पर भी जानकारी देंगे।
रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद कम
अर्थशास्त्रियों और बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में बदलाव की संभावना बहुत कम है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि RBI इसे 5.25% पर स्थिर रख सकता है।
इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं—
- डॉलर के मुकाबले रुपये में हालिया कमजोरी
- महंगाई का संभावित दबाव, खासकर ईंधन और ट्रांसपोर्ट लागत में वृद्धि
रुपये की गिरावट और महंगाई बनी चुनौती
हाल के हफ्तों में रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 4% से ज्यादा कमजोर हुआ है, जिससे आयात महंगा हो गया है।
वहीं खुदरा महंगाई भले ही लक्ष्य के करीब है, लेकिन वैश्विक ईंधन कीमतें इसे फिर ऊपर धकेल सकती हैं।
पहले मिल चुकी थी राहत, अब ‘वेट एंड वॉच’ नीति की उम्मीद
साल 2025 में RBI ने ब्याज दरों में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर राहत दी थी।
लेकिन फरवरी 2026 की बैठक में दरों को स्थिर रखा गया था और अब भी “रुको और देखो” नीति जारी रहने की संभावना है।
GDP और ग्रोथ अनुमान पर भी रहेगी नजर
बाजार की नजर RBI के विकास दर अनुमान पर भी टिकी है।
तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत की महंगाई लगभग 0.60% तक प्रभावित हो सकती है।
गवर्नर का बयान यह तय करेगा कि आने वाले समय में आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा या राहत मिलेगी।






