CBSE का बड़ा बदलाव: कक्षा 6 में तीसरी भाषा अनिवार्य, स्कूलों को 16 अप्रैल तक लागू करने के निर्देश

रायपुर। सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 6 में तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इसे तत्काल प्रभाव से लागू करें और किसी भी स्थिति में 16 अप्रैल तक इसका पालन सुनिश्चित करें।
7 दिन में लागू करना अनिवार्य, किताबें न होने पर भी पढ़ाई शुरू होगी
बोर्ड के आधिकारिक सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों को तीसरी भाषा की पढ़ाई तुरंत शुरू करनी होगी, भले ही उसके लिए आधिकारिक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध न हों। ऐसे में स्कूलों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री के आधार पर शिक्षण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीबीएसई ने कहा है कि कई स्कूल पहले से ही इस व्यवस्था को लागू कर चुके हैं, जबकि बाकी स्कूलों को तय समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से इसे अपनाना होगा।
कक्षा 6 की भाषा आगे 9वीं-10वीं तक रहेगी विकल्प
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 6 में चुनी गई तीसरी भाषा आगे कक्षा 9 और 10 में भी जारी रहेगी। इसका मतलब है कि छात्र और स्कूल भविष्य के विकल्पों को ध्यान में रखते हुए भाषा का चयन करें, क्योंकि बाद में परिवर्तन के अवसर सीमित होंगे।
क्षेत्रीय कार्यालय करेंगे निगरानी, पोर्टल पर अपडेट अनिवार्य
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे चुनी गई तीसरी भाषा की जानकारी अपने पोर्टल पर अपडेट करें। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा की जाएगी ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।
थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूले के तहत लागू होगा बदलाव
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के तहत लिया गया है। इसके अनुसार छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ाई जाएंगी—मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा, दूसरी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) और तीसरी अतिरिक्त भारतीय भाषा।
सीबीएसई का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में भाषा कौशल, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। बोर्ड ने सभी स्कूलों को इसे गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं।





