महासमुंद में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, शराब तस्करी के आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल, एफआईआर दर्ज

महासमुंद (छत्तीसगढ़) जिले के पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचरी में शराब तस्करी के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में थाना सांकरा के टीआई उत्तम तिवारी, प्रधान आरक्षक और कई महिला आरक्षकों सहित पुलिस बल के सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गिरफ्तारी के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल को थाना सांकरा और पटेवा पुलिस की संयुक्त टीम आबकारी एक्ट के तहत दर्ज अपराध क्रमांक 37/2026 के फरार आरोपियों विजय मार्कंडेय और विनोद मार्कंडेय की तलाश में ग्राम पचरी पहुंची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया, लेकिन जैसे ही उन्हें वाहन में बैठाने का प्रयास किया गया, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
भीड़ ने किया पुलिस पर हमला
एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों के विरोध के बाद उनके परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों में बहन हेमा, पिता छगन, चाचा गुलशन, दादी लीलाबाई, दादा गजेंद्र, पत्नी ज्योति सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
भीड़ ने लाठी, डंडा, लोहे की छड़ और ईंट-पत्थर से पुलिस बल पर हमला किया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।
टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल
इस हमले में टीआई उत्तम तिवारी के सिर, गले और सीने में गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा प्रधान आरक्षक और महिला आरक्षक सहित कुल कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के दौरान पुलिस वाहन के शीशे भी तोड़ दिए गए।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि हमले के दौरान पुलिस वाहन को चारों तरफ से घेरकर पत्थरबाजी की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
महिला को बचाने के दौरान भी चोटें
बताया गया कि आरोपी की बहन हेमा पुलिस वाहन के सामने लेट गई, जिसे हटाने के प्रयास में उसे भी चोट लगी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और स्थिति को नियंत्रित किया।
मामला दर्ज, जांच शुरू
पुलिस ने आरोपियों विजय मार्कंडेय, विनोद मार्कंडेय और उनके परिजनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
प्रशासन सख्त, आगे कार्रवाई के संकेत
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में आगे कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।





