राम अवतार जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, दोषसिद्धि और उम्रकैद पर रोक

बिलासपुर से जुड़ा करीब 23 साल पुराना एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट द्वारा दिए गए सरेंडर आदेश पर भी फिलहाल रोक लग गई है। अमित जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
6 अप्रैल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमित जोगी को इस मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी और तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
मामले की लंबी न्यायिक यात्रा
राम अवतार जग्गी हत्याकांड की जांच वर्ष 2004 में सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने अमित जोगी को मास्टरमाइंड बताते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि 2007 में विशेष सीबीआई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था और 28 अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
बाद में पीड़ित पक्ष के बेटे सतीश जग्गी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पुनः सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेज दिया था।
हाईकोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती
हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए अमित जोगी को दोषी माना था, जिसके बाद यह मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां फिलहाल सजा पर रोक लगाकर उन्हें राहत दी गई है।





