छत्तीसगढ़ में तरबूज और चिकन से फूड प्वॉइजनिंग, 1 बच्चे की मौत, तीन अस्पताल में भर्ती

जांजगीर चांपा: बिलासपुर संभाग के जांजगीर चांपा जिले में फूड प्वॉइजनिंग की घटना सामने आई है. जिले के धुरकोट गांव में एक ही परिवार के चार बच्चे फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हो गए. इन बच्चों में एक बच्चे की इलाज से पहले मौत हो गई. बाकी तीन बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. परिजनों ने इस घटना को लेकर बताया कि सभी बच्चे कल शाम को तरबूज खाए थे. उसके बाद रात में चिकन खाए थे. इसके बाद इनकी तबीयत खराब हुई और सभी बच्चे बीमार पड़ गए.
अखिलेश धीवर की हुई मौत
परिजनों ने बताया कि बच्चों के नानी ने जांजगीर से तरबूज खरीदी थी. उसके बाद बच्चों ने रविवार शाम को तरबूज खाया. रात में खाने में बच्चों ने चिकन खाया. इसके बाद देर रात 12 साल के अखिलेश धीवर के पेट में दर्द हुआ. उसके बाद बाद उसे उल्टी दस्त हुआ. किसी तरह रात भर घर में ही रहने के बाद सुबह फिर से उसकी तबीयत खराब हो गई. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस बुलाया गया. एंबुलेंस में उसे ले जाने की तैयारी हो रही थी कि अखिलेश ने रास्ते में दम तोड़ दिया. जिला अस्पताल में तीन अन्य बच्चों को भर्ती कराया गया है. जिसमें भूपेद्र धीवर, हिमेश धीवर और श्री धीवर शामिल है. तीनों बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है.
सुबह जिस बच्चे को लाया गया. उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था, जिसका पोस्ट मार्टम कराया गया है और मौत की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है, अन्य तीन बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद असली वजह का पता चल सकेगा.तरबूज और चिकन खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी. – डॉ इक़बाल हुसैन, चिकित्सक, जिला अस्पताल, जांजगीर चांपा

फूड प्वाइजनिंग से बच्चे बीमार

जांजगीर चांपा में फूड प्वाइजनिंग
डॉक्टरों का कहना है कि फूड प्वॉइजन के कई कारण हो सकते हैं. कोई भी फल शरीर के लिए हानिकारक नहीं होता लेकिन जब उसे ठीक से साफ नहीं किया जाता, लम्बे समय से काट कर रखने या कीट प्रकोप को रोकने के लिए किए गए रासायनिक खाद के छिड़काव के कारण भी फल जहरीला हो जाता है, इसके अलावा फलों को ज्यादा दिन तक ताजा दिखाने के लिए दवाओं का उपयोग भी खरतनाक हो जाता है. इस केस में असली वजह का पता पोस्टमार्टम से चल सकेगा.






