रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में RCB vs MI का हाई-वोल्टेज मुकाबला, रोमांच से भरा रहा रविवार का मैच

रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में रविवार को आरसीबी और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में जहां मैदान पर रोमांच था, वहीं दर्शक दीर्घा में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। मैच देखने पहुंचे करीब 60 हजार दर्शकों को खाने-पीने की चीजों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्टेडियम के अंदर खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडर्स ने खुलेआम लूट मचाई और तय कीमत से दो से तीन गुना अधिक दाम वसूले।
स्टेडियम के अंदर हालात ये थे कि 50 रुपये वाली पानी की बोतल 150 रुपये में बेची जा रही थी। वहीं, कोक, चिप्स, समोसा, सैंडविच और पिज्जा जैसी 100 रुपये वाली खाने की चीजें 200 रुपये से अधिक में दी गईं। जब दर्शकों ने इस खुली लूट का विरोध किया और वीडियो बनाना शुरू किया, तब भी वेंडर्स के हौसले बुलंद रहे और वे बिना किसी खौफ के मनमाने दाम वसूलते रहे। महंगी खाद्य सामग्री और मनमानी के ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं, जिन पर क्रिकेट फैंस अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
अस्थाई टावर साबित हुए नाकाफी
मैच के दौरान 60 हजार दर्शकों की भीड़ को पर्याप्त नेटवर्क मिल सके, इसके लिए आयोजकों द्वारा स्टेडियम परिसर में अस्थाई मोबाइल टावर भी लगाए गए थे। लेकिन, मैच शुरू होने से पहले ही ये व्यवस्था दम तोड़ती नजर आई। बड़ी संख्या में दर्शकों के मोबाइल फोन से नेटवर्क पूरी तरह से गायब हो गया। नेटवर्क न होने का सबसे बड़ा खामियाजा उन दर्शकों को भुगतना पड़ा, जिन्हें ई-टिकट के जरिए अंदर प्रवेश करना था। इंटरनेट काम न करने की वजह से एंट्री गेट पर उनके मोबाइल में ‘क्यूआर कोड’ जनरेट या लोड नहीं हो सका। इसके कारण प्रवेश द्वार पर भारी अव्यवस्था फैल गई। लोग मजबूरी में स्टेडियम के गेट से वापस लौटकर बाहर नेटवर्क की तलाश में यहां-वहां भटकते नजर आए।
लोग तारों और जालियों पर चढ़कर स्टेडियम में घुसे
मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक देखने को मिली। आरसीबी प्रबंधन की ओर से स्टेडियम में चाक-चौबंद सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन मैच शुरू होने के महज एक घंटे बाद ही यह दावे फेल हो गए और स्टेडियम में लोगों की अवैध एंट्री का सिलसिला शुरू हो गया। स्टेडियम में बिना टिकट अवैध प्रवेश को रोकने के लिए फेंसिंग और लोहे की जालियां लगाई गई थीं। लेकिन मैच के रोमांच में लोग अपनी जान की परवाह किए बिना इन तारों और जालियों पर चढ़कर सीधे दर्शक दीर्घा में पहुंचने लगे। बाउंड्री फांदकर अंदर घुसने की इस अंधी होड़ में एक व्यक्ति नीचे गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया। जहां से यह अवैध एंट्री हो रही थी, वहां भीड़ को रोकने के लिए कोई भी सिक्योरिटी गार्ड मौजूद नहीं था। सुरक्षाकर्मियों की इस गैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए 100 से अधिक लोग तारों और जालियों के सहारे स्टेडियम के अंदर घुस गए।
बिना रेट लिस्ट के वेंडर्स ने उठाया मजबूरी का फायदा
स्टेडियम के अंदर पानी व खाने की चीजें बेचने का जिम्मा आरसीबी द्वारा तय की गई एजेंसी के पास था। हैरानी की बात यह है कि मैच से पहले या स्टेडियम के भीतर आरसीबी प्रबंधन की ओर से खाद्य सामग्रियों की कोई रेट लिस्ट जारी नहीं की गई थी। इसी लापरवाही का फायदा वेंडर्स ने उठाया। स्टेडियम के सभी स्टैंड्स में बैठे दर्शकों को इस महंगाई की मार झेलनी पड़ी। पानी इतना महंगा था कि कई लोग भीषण गर्मी में पानी और खाने के लिए तरसते नजर आए। स्टेडियम में प्रवेश का नियम ‘नो री-एंट्री’ था, इसलिए दर्शक चाहकर भी स्टेडियम के बाहर जाकर कुछ खरीद नहीं सकते थे और उन्हें मजबूरी में भारी कीमत चुकानी पड़ी।






